Mark · chapter 12 · verse 15
Mark 12:15 in Hindi
तो क्या कैसा को कर देना उचित है, कि नहीं? हम दें, या न दें? उस ने उन का कपट जानकर उन से कहा; मुझे क्यों परखते हो? एक दीनार मेरे पास लाओ, कि मैं देखूं।
To kyaa kaisaa ko kar denaa uchit hai, ki naheem? Ham dem, yaa na dem? Us ne un kaa kapat jaanakar un se kahaa; mujhe kyom parakhate ho? Ek deenaar mere paas laao, ki maim dekhoon.
Mark 12:15 in English
- King James Version (KJV)
- Shall we give, or shall we not give? But he, knowing their hypocrisy, said unto them, Why tempt ye me? bring me a penny, that I may see [it].
- World English Bible (WEB)
- Shall we give, or shall we not give?” But he, knowing their hypocrisy, said to them, “Why do you test me? Bring me a denarius, that I may see it.”
- American Standard Version (ASV)
- Shall we give, or shall we not give? But he, knowing their hypocrisy, said unto them, Why make ye trial of me? bring me a denarius, that I may see it.
- Bible in Basic English (BBE)
- Are we to give or not to give? But he, conscious of their false hearts, said to them, Why do you put me to the test? give me a penny, so that I may see it.
- Darby Translation (DBY)
- Should we give, or should we not give? But he knowing their hypocrisy said unto them, Why tempt ye me? Bring me a denarius that I may see [it].
- Webster's Bible (WBS)
- Shall we give, or shall we not give? But he, knowing their hypocrisy, said to them, Why tempt ye me? bring me a penny, that I may see [it] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he, knowing their hypocrisy, said to them, 'Why me do ye tempt? bring me a denary, that I may see;'
Read in context
- 13तब उन्हों ने उसे बातों में फंसाने के लिये कई एक फरीसियों और हेरोदियों को उसके पास भेजा।
- 14और उन्हों ने आकर उस से कहा; हे गुरू, हम जानते हैं, कि तू सच्चा है, और किसी की परवा नहीं करता; क्योंकि तू मनुष्यों का मुंह देख कर बातें नहीं करता, परन्तु परमेश्वर का मार्ग सच्चाई से बताता है।
- 15तो क्या कैसा को कर देना उचित है, कि नहीं? हम दें, या न दें? उस ने उन का कपट जानकर उन से कहा; मुझे क्यों परखते हो? एक दीनार मेरे पास लाओ, कि मैं देखूं।
- 16वे ले आए, और उस ने उन से कहा; यह मूर्ति और नाम किस का है? उन्हों ने कहा, कैसर का।
- 17यीशु ने उन से कहा; जो कैसर का है वह कैसर को, और जो परमेश्वर का है परमेश्वर को दो: तब वे उस पर बहुत अचम्भा करने लगे।।
Cross references
- Revelation 2:23 प्रकाशितवाक्य 2:23और मैं उसके बच्चों को मार डालंूगा; और तब सब कलीसियाएं जान लेंगी कि हृदय और मन का परखनेवाला मैं ही हूं: और मैं तुम में से हर एक को उसके कामों के अनुसार बदला दूंगा।
- John 2:24–25 यूहन्ना 2:24–25परन्तु यीशु ने अपने आप को उन के भरोसे पर नहीं छोड़ा, क्योंकि वह सब को जानता था। और उसे प्रयोजन न था, कि मनुष्य के विषय में कोई गवाही दे, क्योंकि वह आप जानता था, कि मनुष्य के मन में क्या है?
- Ezekiel 17:2 यहेजकेल 17:2हे मनुष्य के सन्तान, इस्राएल के घराने से यह पहेली और दृष्टान्त कह; प्रभू यहोवा यों कहता हे,
- 1 Corinthians 10:9 1 कुरिन्थियों 10:9और न हम प्रभु को परखें; जैसा उन में से कितनों ने किया, और सांपों के द्वारा नाश किए गए।
- Luke 20:23 लूका 20:23उस ने उन की चतुराई को ताड़कर उन से कहा; एक दीनार मुझे दिखाओ।
- Mark 10:2 मरकुस 10:2तब फरीसियों ने उसके पास आकर उस की परीक्षा करने को उस से पूछा, क्या यह उचित है, कि पुरूष अपनी पत्नी को त्यागे?
- John 21:17 यूहन्ना 21:17उस ने तीसरी बार उस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? पतरस उदास हुआ, कि उस ने उसे तीसरी बार ऐसा कहा; कि क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? और उस से कहा, हे प्रभु, तू तो सब कुछ जानता है: तू यह जानता है कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: यीशु ने उस से कहा, मेरी भेड़ों को चरा।
- Hebrews 4:13 इब्रानियों 4:13और सृष्टि की कोई वस्तु उस से छिपी नहीं है बरन जिस से हमें काम है, उस की आंखों के साम्हने सब वस्तुएं खुली और बेपरद हैं।।
- Matthew 22:18 मत्ती 22:18यीशु ने उन की दुष्टता जानकर कहा, हे कपटियों; मुझे क्यों परखते हो?
- Acts 5:9 प्रेरितों के काम 5:9पतरस ने उस से कहा; यह क्या बात है, कि तुम दोनों ने प्रभु की आत्मा की परीक्षा के लिये एका किया है? देख, तेरे पति के गाड़नेवाले द्वार ही पर खड़े हैं, और तुझे भी बाहर ले जाएंगे।