Mark · chapter 12 · verse 17
Mark 12:17 in Hindi
यीशु ने उन से कहा; जो कैसर का है वह कैसर को, और जो परमेश्वर का है परमेश्वर को दो: तब वे उस पर बहुत अचम्भा करने लगे।।
Yeeshu ne un se kahaa; jo kaisar kaa hai vah kaisar ko, aur jo parameshvar kaa hai parameshvar ko do: tab ve us par bahut achambhaa karane lage..
Mark 12:17 in English
- King James Version (KJV)
- And Jesus answering said unto them, Render to Cæsar the things that are Cæsar’s, and to God the things that are God’s. And they marvelled at him.
- World English Bible (WEB)
- Jesus answered them, “Give to Caesar the things that are Caesar’s, and to God the things that are God’s.” They marveled greatly at him.
- American Standard Version (ASV)
- And Jesus said unto them, Render unto Cæsar the things that are Cæsar’s, and unto God the things that are God’s. And they marvelled greatly at him.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Jesus said to them, Give to Caesar the things which are Caesar's, and to God the things which are God's. And they were full of wonder at him.
- Darby Translation (DBY)
- And Jesus answering said to them, Pay what is Caesar's to Caesar, and what is God's to God. And they wondered at him.
- Webster's Bible (WBS)
- And Jesus answering, said to them, Render to Cesar the things that are Cesar's, and to God the things that are God's. And they wondered at him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Jesus answering said to them, 'Give back the things of Caesar to Caesar, and the things of God to God;' and they did wonder at him.
Read in context
- 15तो क्या कैसा को कर देना उचित है, कि नहीं? हम दें, या न दें? उस ने उन का कपट जानकर उन से कहा; मुझे क्यों परखते हो? एक दीनार मेरे पास लाओ, कि मैं देखूं।
- 16वे ले आए, और उस ने उन से कहा; यह मूर्ति और नाम किस का है? उन्हों ने कहा, कैसर का।
- 17यीशु ने उन से कहा; जो कैसर का है वह कैसर को, और जो परमेश्वर का है परमेश्वर को दो: तब वे उस पर बहुत अचम्भा करने लगे।।
- 18फिर सदूकियों ने भी, जो कहते हैं कि मरे हुओं का जी उठना है ही नहीं, उसके पास आकर उसे पूछा।
- 19कि हे गुरू, मूसा ने हमारे लिये लिखा है, कि यदि किसी का भाई बिना सन्तान मर जाए, और उस की पत्नी रह जाए, तो उसका भाई उस की पत्नी को ब्याह ले और अपने भाई के लिये वंश उत्पन्न करे: सात भाई थे।
Cross references
- Romans 13:7 रोमियों 13:7इसलिये हर एक का हक्क चुकाया करो, जिस कर चाहिए, उसे कर दो; जिसे महसूल चाहिए, उसे महसूल दो; जिस से डरना चाहिए, उस से डरो; जिस का आदर करना चाहिए उसका आदर करो।।
- 1 Peter 2:17 1 पतरस 2:17सब का आदर करो, भाइयों से प्रेम रखो, परमेश्वर से डरो, राजा का सम्मान करो।।
- 1 Corinthians 14:24–25 1 कुरिन्थियों 14:24–25परन्तु यदि सब भविष्यद्वाणी करने लगें, और कोई अविश्वासी या अनपढ़ा मनुष्य भीतर आ जाए, तो सब उसे दोषी ठहरा देंगे और परख लेंगे। और उसके मन के भेअ प्रगट हो जाएंगे, और तब वह मुंह के बल गिरकर परमेश्वर को दण्डवत करेगा, और मान लेगा, कि सचमुच परमेश्वर तुम्हारे बीच में है।
- 2 Corinthians 5:14–15 2 कुरिन्थियों 5:14–15क्योंकि मसीह का प्रेम हमें विवश कर देता है; इसलिये कि हम यह समझते हैं, कि जब एक सब के लिये मरा तो सब मर गए। और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा।
- Job 5:12–13 अय्यूब 5:12–13वह तो धूर्त्त लोगों की कल्पनाएं व्यर्थ कर देता है, और उनके हाथों से कुछ भी बन नहीं पड़ता। वह बुध्दिमानों को उनकी धूर्त्तता ही में फंसाता है; और कुटिल लोगों की युक्ति दूर की जाती है।
- Proverbs 24:21 नीतिवचन 24:21हे मेरे पुत्रा, यहोवा और राजा दोनों का भय मानना; और बलवा करनेवालों के साथ न मिलना;
- Matthew 22:46 मत्ती 22:46उसके उत्तर में कोई भी एक बात न कह सका; परन्तु उस दिन से किसी को फिर उस से कुछ पूछने का हियाव न हुआ।।
- Acts 4:19–20 प्रेरितों के काम 4:19–20परन्तु पतरस और यूहन्ना ने उन को उत्तर दिया, कि तुम ही न्याय करो, कि क्या यह परमेश्वर के निकट भला है, कि हम परमेश्वर की बात से बढ़कर तुम्हारी बात मानें। क्योंकि यह तो हम में हो नहीं सकता, कि जो हम ने देखा और सुना है, वह न कहें।
- Matthew 22:22 मत्ती 22:22यह सुनकर उन्हों ने अचम्भा किया, और उसे छोड़कर चले गए।।
- Malachi 1:6 मलाकी 1:6पुत्रा पिता का, और दास स्वामी का आदर करता है। यदि मैं पिता हूं, तो मेरा आदर मानना कहां है? और यदि मैं स्वामी हूं, तो मेरा भय मानना कहां? सेनाओं का यहोवा, तुम याजकों से भी जो मेरे नाम का अपमान करते हो यही बात पूछता है। परन्तु तुम पूछते हो, हम ने किस बात में तेरे नाम का अपमान किया है? तुम मेरी वेदी पर अशुद्ध भोजन चढ़ाते हो।
- Matthew 17:25–27 मत्ती 17:25–27जब वह घर में आया, तो यीशु ने उसके पूछने से पहिले उस से कहा, हे शमौन तू क्या समझता है? पृथ्वी के राजा महसूल या कर किन से लेते हैं? अपने पुत्रों से या परायों से? पतरस ने उन से कहा, परायों से। यीशु न उस से कहा, तो पुत्रा बच गए। तौभी इसलिये कि हम उन्हें ठोकर न खिलाएं, तू झील के किनारे जाकर बंसी डाल, और जो मछली पहिले निकले, उसे ले; तो तुझे उसका मुंह खोलने पर एक सिक्का मिलेगा, उसी को लेकर मेरे और अपने बदले उन्हें दे देना।।
- Ecclesiastes 5:4–5 सभोपदेशक 5:4–5जब तू परमेश्वर के लिये मन्नत माने, तब उसके पूरा करने में विलम्ब न करना; क्यांकि वह मूर्खों से प्रसन्न नहीं होता। जो मन्नत तू ने मानी हो उसे पूरी करना। मन्नत मानकर पूरी न करने से मन्नत का न मानना ही अच्छा है।