Mark · chapter 4 · verse 28
Mark 4:28 in Hindi
पृथ्वी आप से आप फल लाती है पलिे अंकुर, तब बाल, और तब बालों में तैयार दाना।
Pruthvee aap se aap phal laatee hai paliే ankur, tab baal, aur tab baalom mem taiyaar daanaa.
Mark 4:28 in English
- King James Version (KJV)
- For the earth bringeth forth fruit of herself; first the blade, then the ear, after that the full corn in the ear.
- World English Bible (WEB)
- For the earth bears fruit by itself: first the blade, then the ear, then the full grain in the ear.
- American Standard Version (ASV)
- The earth beareth fruit of herself; first the blade, then the ear, then the full grain in the ear.
- Bible in Basic English (BBE)
- The earth gives fruit by herself; first the leaf, then the head, then the full grain.
- Darby Translation (DBY)
- The earth bears fruit of itself, first [the] blade, then an ear, then full corn in the ear.
- Webster's Bible (WBS)
- For the earth bringeth forth fruit of itself; first the blade, then the ear, after that the full corn in the ear.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for of itself doth the earth bear fruit, first a blade, afterwards an ear, afterwards full corn in the ear;
Read in context
- 26फिर उस ने कहा; परमेश्वर का राजय ऐसा है, जैसे कोई मनुष्य भूमि पर बीज छींटे।
- 27और रात को सोए, और दिन को जागे और वह बीच ऐसे उगे और बढ़े कि वह न जाने।
- 28पृथ्वी आप से आप फल लाती है पलिे अंकुर, तब बाल, और तब बालों में तैयार दाना।
- 29परन्तु जब दाना पक जाता है, तब वह तुरन्त हंसिया लगाता है, क्योंकि कटनी आ पहुंची है।।
- 30फिर उस ने कहा, हम परमेश्वर के राज्य की उपमा किस से दें, और किस दृष्टान्त से उसका वर्णन करें?
Cross references
- Philippians 1:9–11 फिलिप्पियों 1:9–11और मैं यह प्रार्थना करता हूं, कि तुम्हारा प्रेम, ज्ञान और सब प्रकार के विवेक सहित और भी बढ़ता जाए। यहां तक कि तुम उत्तम से उत्तम बातों को प्रिय जानो, और मसीह के दिन तक सच्चे बने रहो; और ठोकर न खाओ। और उस धार्मिकता के फल से जो यीशु मसीह के द्वारा होते हैं, भरपूर होते जाओ जिस से परमेश्वर की महिमा और स्तुति होती रहे।।
- Hosea 6:3 होशे 6:3आओ, हम ज्ञान ढूंढ़े, वरन यहोवा का ज्ञान प्राप्त करने के लिये यत्न भी करें; क्योंकि यहोवा का प्रगट होना भोर का सा िशिचनन्त है; वह वर्षा की नाईं हमारे ऊपर आएगा, वरन बरसात के अन्त की वर्षा के समान जिस से भूमि सिंचती है।।
- Mark 4:31–32 मरकुस 4:31–32वह राई के दाने के समान हैं; कि जब भूमि में बोया जाता है तो भूमि के सब बीजों से छोटा होता है। परन्तु जब बोया गया, तो उगकर सब साग पात से बड़ा हो जाता है, और उसकी ऐसी बड़ी डालियां निकलती हैं, कि आकाश के पक्षी उसकी छाया में बसेरा कर सकते हैं।।
- Colossians 1:10 कुलुस्सियों 1:10ताकि तुम्हारा चाल- चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ।
- Matthew 13:26 मत्ती 13:26जब अंकुर निकले और बालें लगी, तो जंगली दाने भी दिखाई दिए।
- Philippians 1:6 फिलिप्पियों 1:6और मुझे इस बात का भरोसा है, कि जिस ने तुम में अच्छा काम आरम्भ किया है, वही उसे यीशु मसीह के दिन तक पूरा करेगा।
- 1 Thessalonians 3:12–13 1 थिस्सलुनीकियों 3:12–13और प्रभु ऐसा करे, कि जेसा हम तुम से प्रेम रखते हैं; वैसा ही तुम्हारा प्रेम भी आपस में, और सब मनुष्यों के साथ बढ़े, और उन्नति करता जाए। ताकि वह तुम्हारे मनों को ऐसा स्थिर करे, कि जब हमारा प्रभु यीशु अपने सब पवित्रा लोगों के साथ आए, तो वे हमारे परमेश्वर और पिता के साम्हने पवित्राता में निर्दोष ठहरें।।
- Ecclesiastes 3:11 सभोपदेशक 3:11उस ने सब कुछ ऐसा बनाया कि अपने अपने समय पर वे सुन्दर होते है; फिर उस ने मनुष्यों के मन में अनादि- अनन्त काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, तौभी काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, वह आदि से अन्त तक मनुष्य बूझ नहीं सकता।
- Ecclesiastes 3:1 सभोपदेशक 3:1हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है।
- Isaiah 61:11 यशायाह 61:11क्योंकि जैसे भूमि अपनी उपज को उगाती, और बारी में जो कुछ बोया जाता है उसको वह उपजाती है, वैसे ही प्रभु यहोवा सब जातियों के साम्हने धार्मिकता और धन्यवाद को बढ़ाएगा।।
- Psalm 92:13–14 भजन संहिता 92:13–14वे यहोवा के भवन में रोपे जाकर, हमारे परमेश्वर के आंगनों में फूले फलेंगे। वे पुराने होने पर भी फलते रहेंगे, और रस भरे और लहलहाते रहेंगे,
- Genesis 1:11–12 उत्पत्ति 1:11–12फिर परमेश्वर ने कहा, पृथ्वी से हरी घास, तथा बीजवाले छोटे छोटे पेड़, और फलदाई वृक्ष भी जिनके बीज उन्ही में एक एक की जाति के अनुसार होते हैं पृथ्वी पर उगें; और वैसा ही हो गया। तो पृथ्वी से हरी घास, और छोटे छोटे पेड़ जिन में अपनी अपनी जाति के अनुसार बीज होता है, और फलदाई वृक्ष जिनके बीज एक एक की जाति के अनुसार उन्ही में होते हैं उगे; और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है।