Matthew · chapter 18 · verse 17
Matthew 18:17 in Hindi
यदि वह उन की भी न माने, तो कलीसिया से कह दे, परन्तु यदि वह कलीसिया की भी न माने, तो तू उसे अन्यजाति और महसूल लेनेवाले के ऐसा जान।
Yadi vah un kee bhee na maane, to kaleesiyaa se kah de, parantu yadi vah kaleesiyaa kee bhee na maane, to too use anyajaati aur mahasool lenevaale ke aisaa jaan.
Matthew 18:17 in English
- King James Version (KJV)
- And if he shall neglect to hear them, tell [it] unto the church: but if he neglect to hear the church, let him be unto thee as an heathen man and a publican.
- World English Bible (WEB)
- If he refuses to listen to them, tell it to the assembly. If he refuses to hear the assembly also, let him be to you as a Gentile or a tax collector.
- American Standard Version (ASV)
- And if he refuse to hear them, tell it unto the church: and if he refuse to hear the church also, let him be unto thee as the Gentile and the publican.
- Bible in Basic English (BBE)
- And if he will not give ear to them, let it come to the hearing of the church: and if he will not give ear to the church, let him be to you as a Gentile and a tax-farmer.
- Darby Translation (DBY)
- But if he will not listen to them, tell it to the assembly; and if also he will not listen to the assembly, let him be to thee as one of the nations and a tax-gatherer.
- Webster's Bible (WBS)
- And if he shall neglect to hear them, tell [it] to the church: but if he shall neglect to hear the church, let him be to thee as a heathen and a publican.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And if he may not hear them, say [it] to the assembly, and if also the assembly he may not hear, let him be to thee as the heathen man and the tax-gatherer.
Read in context
- 15यदि तेरा भाई तेरा अपराध करे, तो जा और अकेले में बातचीत करके उसे समझा; यदि वह तेरी सुने तो तू ने अपने भाई को पा लिया।
- 16और यदि वह न सुने, तो और एक दो जन को अपने साथ ले जा, कि हर एक बात दो या तीन गवाहों के मुंह से ठहराई जाए।
- 17यदि वह उन की भी न माने, तो कलीसिया से कह दे, परन्तु यदि वह कलीसिया की भी न माने, तो तू उसे अन्यजाति और महसूल लेनेवाले के ऐसा जान।
- 18मैं तुम से सच कहता हूं, जो कुछ तुम पृथ्वी पर बान्धोगे, वह स्वर्ग पर बन्धेगा और जो कुछ तुम पृथ्वी पर खोलोगे, वह स्वर्ग पर खुलेगा।
- 19फिर मैं तुम से कहता हूं, यदि तुम में से दो जन पृथ्वी पर किसी बात के लिये जिसे वे मांगें, एक मन के हों, तो वह मेरे पिता की ओर से स्वर्ग में है उन के लिये हो जाएगी।
Cross references
- 2 Thessalonians 3:6 2 थिस्सलुनीकियों 3:6हे भाइयों, हम तुम्हें अपने प्रभु यीशु मसीह के नाम से आज्ञा देते हैं; कि हर एक ऐसे भाई से अलग रहो, जो अनुचित चाल चलता, और जो शिक्षा उस ने हम से पाई उसके अनुसार नहीं करता।
- 2 Thessalonians 3:14–15 2 थिस्सलुनीकियों 3:14–15यदि कोई हमारी इस पत्री की बात को न माने, तो उस पर दृष्टि रखो; और उस की संगति न करो, जिस से वह लज्जित हो; तौभी उसे बैरी मन समझो पर भाई जानकर चिताओ।।
- 1 Corinthians 5:3–5 1 कुरिन्थियों 5:3–5मैं तो शरीर के भाव से दूर था, परन्तु आत्मा के भाव से तुम्हारे साथ होकर, मानो उपस्थिति ही दशा में ऐसे काम करनेवाले के विषय में यह आज्ञा दे चुका हूं। कि जब तुम, और मेरी आत्मा, हमारे प्रभु यीशु की सामर्थ के साथ इकट्ठे हो, तो ऐसा मनुष्य, हमारे प्रभु यीशु के नाम से। शरीर के विनाश के लिये शैतान को सौंपा जाए, ताकि उस की आत्मा प्रभु यीशु के दिन में उद्धार पाए।
- Ephesians 5:11–12 इफिसियों 5:11–12और अन्धकार के निष्फल कामों में सहभागी न हो, बरन उन पर उलाहना दो। क्योंकि उन के गुप्त कामों की चर्चा भी लाज की बात है।
- 2 John 1:10–11 2 यूहन्ना 1:10–11यदि कोई तुम्हारे पास आए, और यही शिक्षा न दे, उसे न तो घर मे आने दो, और न नमस्कार करो। क्योंकि जो कोई ऐसे जन को नमस्कार करता है, वह उस के बुरे कामों में साझी होता है।।
- Ephesians 4:17–19 इफिसियों 4:17–19इसलिये मैं यह कहता हूं, और प्रभु में जताए देता हूं कि जैसे अन्यजातीय लोग अपने मन की अनर्थ की रीति पर चलते हैं, तुम अब से फिर ऐसे न चलो। क्योंकि उनकी बुद्धि अन्धेरी हो गई है और उस अज्ञानता के कारण जो उन में है और उनके मन की कठोरता के कारण वे परमेश्वर के जीवन से अलग किए हुए हैं। और वे सुन्न होकर, लुचपन में लग गए हैं, कि सब प्रकार के गन्दे काम लालसा से किया करें।
- Romans 16:17–18 रोमियों 16:17–18अब हे भाइयो, मैं तुम से बिनती करता हूं, कि जो लोग उस शिक्षा के विपरीत जो तुम ने पाई है, फूट पड़ने, और ठोकर खाने के कारण होते हैं, उन्हें ताड़ लिया करो; और उन से दूर रहो। क्योंकि ऐसे लोग हमारे प्रभु मसीह की नहीं, परन्तु अपने पेट की सेवा करते है; और चिकनी चुमड़ी बातों से सीधे सादे मन के लोगों को बहका देते हैं।
- 3 John 1:9–10 3 यूहन्ना 1:9–10मैं ने मण्डली को कुछ लिखा था; पर दियुत्रिफेस जो उन में बड़ा बनना चाहता है, हमें ग्रहण नहीं करता। सो जब मैं आऊंगा, तो उसके कामों की जो वह कर रहा है सुधि दिलाऊंगा, कि वह हमारे विषय में बुरी बुरी बातें बकता है; और इस पर भी सन्तोष न करके आप ही भाइयों को ग्रहण नहीं करता, और उन्हें जो ग्रहण करना चाहते हैं, मना करता है: और मण्डली से निकाल देता है।
- Ezekiel 11:12 यहेजकेल 11:12तब तुम जान लोगे कि मैं यहोवा हूँ; तुम तो मेरी विधियों पर नहीं चले, और मेरे नियमों को तुम ने नहीं माना; परन्तु अपने चारों ओर की अन्यजातियों की रीतियों पर चले हो।
- 2 Corinthians 2:6–7 2 कुरिन्थियों 2:6–7ऐसे जन के लिये यह दण्ड जो भाइयों में से बहुतों ने दिया, बहुत है। इसलिये इस से यह भला है कि उसका अपराध क्षमा करो; और शान्ति दो, न हो कि ऐसा मनुष्य उदासी में डूब जाए।
- 2 Corinthians 6:14–17 2 कुरिन्थियों 6:14–17अविश्वासियों के साथ असमान जूए में न जुतो, क्योंकि धार्मिकता और अधर्म का क्या मेल जोल? या ज्योति और अन्धकार की क्या संगति? और मसीह का बलियाल के साथ क्या लगाव? या विश्वासी के साथ अविश्वासी का क्या नाता? और मूरतों के साथ परमेश्वर के मन्दिर का क्या सम्बन्ध? क्योंकि हम तो जीवते परमेश्वर का मन्दिर हैं; जैसा परमेश्वर ने कहा है कि मैं उन में बसूंगा और उन में चला फिरा करूंगा; और मैं उन का परमेश्वर हूंगा, और वे मेरे लोग होंगे। इसलिये प्रभु कहता है, कि उन के बीच में से निकलो और अलग रहो; और अशुद्ध वस्तु को मत छूओ, तो मैं तुम्हें ग्रहण करूंगा।