Matthew · chapter 19 · verse 10
Matthew 19:10 in Hindi
चेलों ने उस से कहा, यदि पुरूष का स्त्री के साथ ऐसा सम्बन्ध है, तो ब्याह करना अच्छा नहीं।
Chelom ne us se kahaa, yadi puroosh kaa stree ke saath aisaa sambandh hai, to byaah karanaa achchhaa naheen.
Matthew 19:10 in English
- King James Version (KJV)
- His disciples say unto him, If the case of the man be so with [his] wife, it is not good to marry.
- World English Bible (WEB)
- His disciples said to him, “If this is the case of the man with his wife, it is not expedient to marry.”
- American Standard Version (ASV)
- The disciples say unto him, If the case of the man is so with his wife, it is not expedient to marry.
- Bible in Basic English (BBE)
- The disciples say to him, If this is the position of a man in relation to his wife, it is better not to be married.
- Darby Translation (DBY)
- His disciples say to him, If the case of the man be so with his wife, it is not good to marry.
- Webster's Bible (WBS)
- His disciples say to him, If the case of the man is so with [his] wife, it is not good to marry.
- Young's Literal Translation (YLT)
- His disciples say to him, 'If the case of the man with the woman is so, it is not good to marry.'
Read in context
- 8उस ने उन से कहा, मूसा ने तुम्हारे मन की कठोरता के कारण तुम्हें अपनी पत्नी को छोड़ देने की आज्ञा दी, परन्तु आरम्भ में ऐसा नहीं था।
- 9और मैं तुम से कहता हूं, कि जो कोई व्यभिचार को छोड़ और किसी कारण से अपनी पत्नी को त्यागकर, दूसरी से ब्याह करे, वह व्यभिचार करता है: और जो छोड़ी हुई को ब्याह करे, वह भी व्यभिचार करता है।
- 10चेलों ने उस से कहा, यदि पुरूष का स्त्री के साथ ऐसा सम्बन्ध है, तो ब्याह करना अच्छा नहीं।
- 11उस ने उन से कहा, सब यह वचन ग्रहण नहीं कर सकते, केवल वे जिन को यह दान दिया गया है।
- 12क्योंकि कुछ नपुंसक ऐसे हैं जो माता के गर्भ ही से ऐसे जन्में; और कुछ नंपुसक ऐसे हैं, जिन्हें मनुष्य ने नपुंसक बनाया: और कुछ नपुंसक एसे हैं, जिन्हों ने स्वर्ग के राज्य के लिये अपने आप को नपुंसक बनाया है, जो इस को ग्रहण कर सकता है, वह ग्रहण करे।
Cross references
- 1 Corinthians 7:32–35 1 कुरिन्थियों 7:32–35सो मैं यह चाहता हूं, कि तुम्हें चिन्ता न हो: अविवाहित पुरूष प्रभु की बातों की चिन्ता में रहता है, कि प्रभु को क्योंकर प्रसन्न रखे। परन्तु विवाहित मनुष्य संसार की बातों की चिन्ता में रहता है, कि अपनी पत्नी को किस रीति से प्रसन्न रखे। विवाहिता और अविवाहिता में भी भेद है: अविवाहिता प्रभु की चिन्ता में रहती है, कि वह देह और आत्मा दोनों में पवित्रा हो, परन्तु विवाहिता संसार की चिन्ता में रहती है, कि अपने पति को प्रसन्न रखे। यह बात तुम्हारे ही लाभ के लिये कहता हूं, न कि तुम्हें फंसाने के लिये, बरन इसलिये कि जैसा सोहता है, वैसा ही किया जाए; कि तुम एक चित्त होकर प्रभु की सेवा में लगे रहो।
- Proverbs 18:22 नीतिवचन 18:22जिस ने स्त्री ब्याह ली, उस ने उत्तम पदार्थ पाया, और यहोवा का अनुग्रह उस पर हुआ है।
- 1 Corinthians 7:39–40 1 कुरिन्थियों 7:39–40जब तक किसी स्त्री का पति जीवित रहता है, तब तक वह उस से बन्धी हुई है, परन्तु जब उसका पति मर जाए, तो जिस से चाहे विवाह कर सकती है, परन्तु केवल प्रभु में। परनतु जेसी है यदि वैसी ही रहे, तो मेरे विचार में और भी धन्य है, और मैं समझता हूं, कि परमेश्वर का आत्मा मुझ में भी है।।
- Proverbs 21:19 नीतिवचन 21:19झगड़ालू और चिढ़नेवाली पत्नी के संग रहने से जंगल में रहना उत्तम है।
- 1 Corinthians 7:1–2 1 कुरिन्थियों 7:1–2उन बातों के विषय में जो तुम ने लिखीं, यह अच्छा है, कि पुरूष स्त्री को न छुए। परन्तु व्यभिचार के डर से हर एक पुरूष की पत्नी, और हर एक सत्री का पति हो।
- Proverbs 5:15–19 नीतिवचन 5:15–19तू अपने ही कुण्ड से पानी, और अपने ही कूंए से सोते का जल पिया करना। क्या तेरे सोतों का पानी सड़क में, और तेरे जल की धारा चौकों में बह जाने पाए? यह केवल तेरे ही लिये रहे, और तेरे संग औरों के लिये न हो। तेरा सोता धन्य रहे; और अपनी जवानी की पत्नी के साथ आनन्दित रह, प्रिय हरिणी वा सुन्दर सांभरनी के समान उसके स्तन सर्वदा तुझे संतुष्ट रखे, और उसी का प्रेम नित्य तुझे आकर्षित करता रहे।
- 1 Timothy 4:3 1 तीमुथियुस 4:3जो ब्याह करने से रोकेंगे, और भोजन की कुछ वस्तुओं से परे रहने की आज्ञा देंगे; जिन्हें परमेश्वर ने इसलिये सृजा कि विश्वासी, और सत्य के पहिचाननेवाले उन्हें धन्यवाद के साथ खाएं।
- 1 Timothy 5:11–15 1 तीमुथियुस 5:11–15पर जवान विधवाओं के नाम न लिखना, क्योंकि जब वे मसीह का विरोध करके सुख- विलास में पड़ जाती हैं, तो ब्याह करना चाहती हैं। और दोषी ठहरती हैं, क्योंकि उन्हों ने अपने पहिले विश्वास को छोड़ दिया है। और इस के साथ ही साथ वे घर घर फिरकर आलसी होना सीखती है, और केवल आलसी नहीं, पर बकबक करती रहती और औरों के काम में हाथ भी डालती हैं और अनुचित बातें बोलती हैं। इसलिये मैं यह चाहता हूं, कि जवान विधवाएं ब्याह करें; और बच्चे जनें और घरबार संभालें, और किसी विरोधी को बदनाम करने का अवसर न दें। क्योंकि कई एक तो बहककर शैतान के पीछे हो चुकी हैं।
- 1 Corinthians 7:8 1 कुरिन्थियों 7:8परन्तु मैं अविवाहितों और विधवाओं के विषय में कहता हूं, कि उन के लिये ऐसा ही रहना अच्छा है, जैसा मैं हूं।
- Proverbs 21:9 नीतिवचन 21:9लम्बे- चौड़े घर में झगड़ालू पत्नी के संग रहने से छत के कोने पर रहना उत्तम है।
- Proverbs 19:13–14 नीतिवचन 19:13–14मूर्ख पुत्रा पिता के लिये विपत्ति ठहरता है, और पत्नी के झगड़े- रगड़े सदा टपकने के समान है। घर और धन पुरखाओं के भाग में, परन्तु बुद्धिमती पत्नी यहोवा ही से मिलती है।
- Genesis 2:18 उत्पत्ति 2:18फिर यहोवा परमेश्वर ने कहा, आदम का अकेला रहना अच्छा नहीं; मै उसके लिये एक ऐसा सहायक बनाऊंगा जो उस से मेल खाए।
Original words (Greek)
- His · G846αὐτός autós
- disciples · G3101μαθητής mathētḗs
- say · G3004λέγω légō
- him · G846αὐτός autós
- If · G1487εἰ ei
- case · G156αἰτία aitía
- man · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- be · G2076ἐστί estí
- so · G3779οὕτω hoútō
- with · G3326μετά metá
- wife · G1135γυνή gynḗ
- is · G4851συμφέρω symphérō
- not · G3756οὐ ou
- good · G4851συμφέρω symphérō
- marry · G1060γαμέω gaméō