Matthew · chapter 22 · verse 35
Matthew 22:35 in Hindi
और उन में से एक व्यवस्थापक ने परखने के लिये, उस से पूछा।
Aur un mem se ek vyavasthaapak ne parakhane ke liye, us se poochhaa.
Matthew 22:35 in English
- King James Version (KJV)
- Then one of them, [which was] a lawyer, asked [him a question], tempting him, and saying,
- World English Bible (WEB)
- One of them, a lawyer, asked him a question, testing him.
- American Standard Version (ASV)
- And one of them, a lawyer, asked him a question, trying him:
- Bible in Basic English (BBE)
- And one of them, a teacher of the law, put a question to him, testing him, and saying,
- Darby Translation (DBY)
- And one of them, a lawyer, demanded, tempting him, and saying,
- Webster's Bible (WBS)
- Then one of them [who was] a lawyer, asked [him a question] , tempting him, and saying,
- Young's Literal Translation (YLT)
- and one of them, a lawyer, did question, tempting him, and saying,
Read in context
- 33यह सुनकर लोग उसके उपदेश से चकित हुए।
- 34जब फरीसियों ने सुना, कि उस ने सदूकियों का मुंह बन्द कर दिया; तो वे इकट्ठे हुए।
- 35और उन में से एक व्यवस्थापक ने परखने के लिये, उस से पूछा।
- 36हे गुरू; व्यवस्था में कौन सी आज्ञा बड़ी है?
- 37उस ने उस से कहा, तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख।
Cross references
- Luke 7:30 लूका 7:30पर फरीसियों और व्यवस्थापकों ने उस से बपतिस्मा न लेकर परमेश्वर की मनसा को अपने विषय में टाल दिया।
- Luke 10:25–37 लूका 10:25–37और देखो, एक व्यवस्थापक उठा; और यह कहकर, उस की परीक्षा करने लगा; कि हे गुरू, अनन्त जीवन का वारिस होने के लिये मैं क्या करूं? उस ने उस से कहा; कि व्यवस्था में क्या लिखा है? तू कैसे पढ़ता है? उस ने उत्तर दिया, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी शक्ति और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख; और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख। उस ने उस से कहा, तू ने ठीक उत्तर दिया है, यही कर: तो तू जीवित रहेगा। परन्तु उस ने अपनी तईं धर्मी ठहराने की इच्छा से यीशु से पूछा, तो मेरा पड़ोसी कौन है? यीशु ने उत्तर दिया; कि एक मनुष्य यरूशलेम से यरीहो को जा रहा था, कि डाकुओं ने घेरकर उसके कपड़े उतार लिए, और मारपीटकर उसे अधमूआ छोड़कर चले गए। और ऐसा हुआ; कि उसी मार्ग से एक याजक जा रहा था: परन्तु उसे देख के कतराकर चला गया। इसी रीति से एक लेवी उस जगह पर आया, वह भी उसे देख के कतराकर चला गया। परन्तु एक सामरी यात्री वहां आ निकला, और उसे देखकर तरस खाया। और उसके पास आकर और उसके घावों पर तेल और दाखरस डालकर पटि्टयां बान्धी, और अपनी सवारी पर चढ़ाकर सराय में ले गया, और उस की सेवा टहल की। दूसरे दिन उस ने दो दिनार निकालकर भटियारे को दिए, और कहा; इस की सेवा टहल करना, और जो कुछ तेरा और लगेगा, वह मैं लौटने पर तुझे भर दूंगा। अब मेरी समझ में जो डाकुओं में घिर गया था, इन तीनों में से उसका पड़ोसी कौन ठहरा? उस ने कहा, वही जिस ने उस पर तरस खाया: यीशु ने उस से कहा, जा, तू भी ऐसा ही कर।।
- Luke 11:52 लूका 11:52हाय तुम व्यवस्थापकों पर! कि तुम ने ज्ञान की कुंजी ले तो ली, परन्तु तुम ने आपही प्रवेश नहीं किया, और प्रवेश करनेवालों को भी रोक दिया।
- Luke 14:3 लूका 14:3इस पर यीशु ने व्यवस्थापकों और फरीसियों से कहा; क्या सब्त के दिन अच्छा करना उचित है, कि नहीं? परन्तु वे चुपचाप रहे।
- Luke 11:45–46 लूका 11:45–46तब एक व्यवस्थापक ने उस को उत्तर दिया, कि हे गुरू, इन बातों के कहने से तू हमारी निन्दा करता है। उस ने कहा; हे व्यवस्थापकों, तुम पर भी हाय! तुम ऐसे बोझ जिन को उठाना कठिन है, मनुष्यों पर लादते हो परन्तु तुम आप उन बोझों को अपनी एक उंगली से भी नहीं छूते।
- Titus 3:13 तीतुस 3:13जेनास व्यवस्थापक और अपुल्लोस को यत्न करके आगे पहुंचा दे, और देख, कि उन्हें किसी वस्तु की घटी न होने पाए।
- Matthew 22:18 मत्ती 22:18यीशु ने उन की दुष्टता जानकर कहा, हे कपटियों; मुझे क्यों परखते हो?