Matthew · chapter 5 · verse 24
Matthew 5:24 in Hindi
और जाकर पहिले अपने भाई से मेल मिलाप कर; तब आकर अपनी भेंट चढ़ा।
Aur jaakar pahile apane bhaaee se mel milaap kar; tab aakar apanee bhent chadhaa.
Matthew 5:24 in English
- King James Version (KJV)
- Leave there thy gift before the altar, and go thy way; first be reconciled to thy brother, and then come and offer thy gift.
- World English Bible (WEB)
- leave your gift there before the altar, and go your way. First be reconciled to your brother, and then come and offer your gift.
- American Standard Version (ASV)
- leave there thy gift before the altar, and go thy way, first be reconciled to thy brother, and then come and offer thy gift.
- Bible in Basic English (BBE)
- While your offering is still before the altar, first go and make peace with your brother, then come and make your offering.
- Darby Translation (DBY)
- leave there thy gift before the altar, and first go, be reconciled to thy brother, and then come and offer thy gift.
- Webster's Bible (WBS)
- Leave there thy gift before the altar, and go thy way; first be reconciled to thy brother, and then come and offer thy gift.
- Young's Literal Translation (YLT)
- leave there thy gift before the altar, and go — first be reconciled to thy brother, and then having come bring thy gift.
Read in context
- 22परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि जो कोई अपने भाई पर क्रोध करेगा, वह कचहरी में दण्ड के योग्य होगा: और जो कोई अपने भाई को निकम्मा कहेगा वह महासभा में दण्ड के योग्य होगा; और जो कोई कहे "अरे मूर्ख" वह नरक की आग के दण्ड के योग्य होगा।
- 23इसलिये यदि तू अपनी भेंट वेदी पर लाए, और वहां तू स्मरण करे, कि मेरे भाई के मन में मेरी ओर से कुछ विरोध है, तो अपनी भेंट वहीं वेदी के साम्हने छोड़ दे।
- 24और जाकर पहिले अपने भाई से मेल मिलाप कर; तब आकर अपनी भेंट चढ़ा।
- 25जब तक तू अपने मु ई के साथ मार्ग में हैं, उस से झटपट मेल मिलाप कर ले कहीं ऐसा न हो कि मु ई तुझे हाकिम को सौंपे, और हाकिम तुझे सिपाही को सौंप दे और तू बन्दीगृह में डाल दिया जाए।
- 26मैं तुम से सच कहता हूं कि जब तक तू कौड़ी कौड़ी भर न दे तब तक वहां से छूटने न पाएगा।।
Cross references
- James 5:16 याकूब 5:16इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के साम्हने अपने अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है।
- Romans 12:17–18 रोमियों 12:17–18बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उन की चिन्ता किया करो। जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो।
- Matthew 18:15–17 मत्ती 18:15–17यदि तेरा भाई तेरा अपराध करे, तो जा और अकेले में बातचीत करके उसे समझा; यदि वह तेरी सुने तो तू ने अपने भाई को पा लिया। और यदि वह न सुने, तो और एक दो जन को अपने साथ ले जा, कि हर एक बात दो या तीन गवाहों के मुंह से ठहराई जाए। यदि वह उन की भी न माने, तो कलीसिया से कह दे, परन्तु यदि वह कलीसिया की भी न माने, तो तू उसे अन्यजाति और महसूल लेनेवाले के ऐसा जान।
- 1 Peter 3:7–8 1 पतरस 3:7–8वैसे ही हे पतियों, तुम भी बुद्धिमानी से पत्नियों के साथ जीवन निर्वाह करो और स्त्री को निर्बल पात्रा जानकर उसका आदर करो, यह समझकर कि हम दोनों जीवन के वरदान के वारिस हैं, जिस से तुम्हारी प्रार्थनाएं रूक न जाएं।। निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखनेवाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
- Job 42:8 अय्यूब 42:8इसलिये अब तुम सात बैल और सात मेढ़े छांटकर मेरे दास अरयूब के पास जाकर अपने निमित्त होमबलि चढ़ाओ, तब मेरा दास अरयूब तुम्हारे लिये प्रार्थना करेगा, क्योंकि उसी की मैं ग्रहण करूंगा; और नहीं, तो मैं तुम से तुम्हारी मूढ़ता के योग्य बर्ताव करूंगा, क्योंकि तुम लोगों ने मेरे विषय मेरे दास अरयूब की सी ठीक बात नहीं कही।
- Proverbs 25:9 नीतिवचन 25:9अपने पडोसी के साथ वादविवाद एकान्त में करना और पराये का भेद न खोलना;
- 1 Corinthians 6:7–8 1 कुरिन्थियों 6:7–8परन्तु सचमुच तुम में बड़ा दोष तो यह है, कि आपस में मुक मा करते हो: बरन अन्याय क्यों नहीं सहते? अपनी हानि क्यों नहीं सहते? बरन अन्याय करते और हानि पहुंचाते हो, और वह भी भाइयों को।
- 1 Timothy 2:8 1 तीमुथियुस 2:8सो मैं चाहता हूं, कि हर जगह पुरूष बिना क्रोध और विवाद के पवित्रा हाथों को उठाकर प्रार्थना किया करें।
- Mark 9:50 मरकुस 9:50नमक अच्छा है, पर यदि नमक की नमकीनी जाती रहे, तो उसे किस से स्वादित करोगे? अपने में नमक रखो, और आपस में मेल मिलाप से रहो।।
- James 3:13–18 याकूब 3:13–18तुम में ज्ञानवान और समझदार कौन है? जो ऐसा हो वह अपने कामों को अच्छे चालचलन से उस नम्रता सहित प्रगट करे जो ज्ञान से उत्पन्न होती है। पर यदि तुम अपने अपने मन में कड़वी डाह और विरोध रखते हो, तो सत्य के विरोध में घमण्ड न करना, और न तो झूठ बोलना। यह ज्ञान वह नहीं, जो ऊपर से उतरता है बरन सांसारिक, और शारीरिक, और शैतानी है। इसलिये कि जहां डाह और विरोध होता है, वहां बखेड़ा और हर प्रकार का दुष्कर्म भी होता है। पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्रा होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है। और मिलाप करानेवालों के लिये धार्मिकता का फल मेल- मिलाप के साथ बोया जाता है।।
- Matthew 23:23 मत्ती 23:23हे कपटी शास्त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय; तुम पोदीने और सौंफ और जीरे का दसवां अंश देते हो, परन्तु तुम ने व्यवस्था की गम्भीर बातों को छोड़ दिया है; चाहिये था कि इन्हें भी करते रहते, और उन्हें भी न छोड़ते।
- 1 Corinthians 11:28 1 कुरिन्थियों 11:28इसलिये मनुष्य अपने आप को जांच ले और इसी रीति से इस रोटी में से खाए, और इस कटोरे में से पीए।