Nehemiah · chapter 8 · verse 13
Nehemiah 8:13 in Hindi
और दूसरे दिन को भी समस्त प्रजा के पितरों के घराने के मुख्य मुख्य पुरूष और याजक और लेवीय लोग, एज्रा शास्त्री के पास व्यवस्था के वचन ध्यान से सुनने के लिये इकट्टे हुए।
Aur doosare din ko bhee samast prajaa ke pitarom ke gharaane ke mukhy mukhy puroosh aur yaajak aur leveey log, ejraa shaastree ke paas vyavasthaa ke vachan dhyaan se sunane ke liye ikatte hue.
Nehemiah 8:13 in English
- King James Version (KJV)
- And on the second day were gathered together the chief of the fathers of all the people, the priests, and the Levites, unto Ezra the scribe, even to understand the words of the law.
- World English Bible (WEB)
- On the second day, the heads of fathers’ households of all the people, the priests, and the Levites were gathered together to Ezra the scribe, to study the words of the law.
- American Standard Version (ASV)
- And on the second day were gathered together the heads of fathers’ [houses] of all the people, the priests, and the Levites, unto Ezra the scribe, even to give attention to the words of the law.
- Bible in Basic English (BBE)
- And on the second day the heads of families of all the people and the priests and the Levites came together to Ezra the scribe, to give attention to the words of the law.
- Darby Translation (DBY)
- And on the second day were gathered together the chief fathers of all the people, the priests, and the Levites, to Ezra the scribe, even to gain wisdom as to the words of the law.
- Webster's Bible (WBS)
- And on the second day were assembled the chief of the fathers of all the people, the priests, and the Levites, to Ezra the scribe, even to understand the words of the law.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And on the second day have been gathered heads of the fathers of all the people, the priests, and the Levites, unto Ezra the scribe, even to act wisely concerning the words of the law.
Read in context
- 11यों लेवियों ने सब लोगों को यह कहकर चुप करा दिया, कि चुप रहो क्योंकि आज का दिन पवित्रा है; और उदास मत रहो।
- 12तब सब लोग खाने, पीने, बैना भेजने और बड़ा आनन्द मनाने को चले गए, क्योंकि जो वचन उनको समझाए गए थे, उन्हें वे समझ गए थे।
- 13और दूसरे दिन को भी समस्त प्रजा के पितरों के घराने के मुख्य मुख्य पुरूष और याजक और लेवीय लोग, एज्रा शास्त्री के पास व्यवस्था के वचन ध्यान से सुनने के लिये इकट्टे हुए।
- 14और उन्हें व्यवस्था में यह लिखा हुआ मिला, कि यहोवा ने मूसा से यह आज्ञा दिलाई थी, कि इस्राएली सातवें महीने के पर्व के समय झोपड़ियों में रहा करें,
- 15और अपने सब नगरों और यरूशलेम में यह सुनाया और प्रचार किया जाए, कि पहाड़ पर जाकर जलपाई, तैलवृक्ष, मेंहदी, खजूर और घने घने वृक्षों की डालियां ले आकर झोपड़ियां बनाओे, जैसे कि लिखा है।
Cross references
- Proverbs 12:1 नीतिवचन 12:1जो शिक्षा पाने में प्रीति रखता है वह ज्ञान से प्रीति रखता है, परन्तु जो डांट से बैर रखता, वह पशु सरीखा है।
- Proverbs 2:1–6 नीतिवचन 2:1–6हे मेरे पुत्रा, यदि तू मेरे वचन ग्रहण करे, और मेरी आज्ञाओं को अपने हृदय में रख छोड़े, और बुद्धि की बात ध्यान से सुने, और समझ की बात मन लगाकर सोचे; और प्रवीणता और समझ के लिये अति यत्न से पुकारे, ओर उसको चान्दी की नाईं ढूंढ़े, और गुप्त धन के समान उसी खोज में लगा रहे; तो तू यहोवा के भय को समझेगा, और परमेश्वर का ज्ञान तुझे प्राप्त होगा। क्योंकि बुद्धि यहोवा ही देता है; ज्ञान और समझ की बातें उसी के मुंह से निकलती हैं।
- Proverbs 8:33–34 नीतिवचन 8:33–34शिक्षा को सुनो, और बुद्धिमान हो जाओ, उसके विषय में अनसुनी न करो। क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो मेरी सुनता, वरन मेरी डेवढ़ी पर प्रति दिन खड़ा रहता, और मेरे द्वारों के खंभों के पास दृष्टि लगाए रहता है।
- Acts 13:42 प्रेरितों के काम 13:42उन के बाहर निकलते समय लोग उन से बिनती करने लगे, कि अगले सब्त के दिन हमें ये बातें फिर सुनाई जाएं।
- Luke 19:47–48 लूका 19:47–48और वह प्रति दिन मन्दिर में उपदेश करता था: और महायाजक और शास्त्री और लोागों के रईस उसे नाश करने का अवसर ढूंढ़ते थे। परन्तु कोई उपाय न निकाल सके; कि यह किस प्रकार करें क्योंकि सब लोग बड़ी चाह से उस की सुनते थे।
- Luke 24:32 लूका 24:32उन्हों ने आपस में कहा; जब वह मार्ग में हम से बातें करता था, और पवित्रा शस्त्रा का अर्थ हमें समझाता था, तो क्या हमारे मन में उत्तेजना न उत्पन्न हुई?
- Nehemiah 8:7–8 नहेमायाह 8:7–8और येशू, बानी, शेरेब्याह, यामीन, अक्कूब, शब्बतै, होदिरयाह, मासेयाह, कलीता, अजर्याह, योजाबाद, हानान और पलायाह नाम लेवीय, लोगों को व्यवस्था समझाते गए, और लोग अपने अपने स्थान पर खड़े रहे। और उन्हों ने परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक से पढ़कर अर्थ समझा दिया; और लोगों ने पाठ को समझ लिया।
- 2 Timothy 2:24–25 2 तीमुथियुस 2:24–25और प्रभु के दास को झगड़ालू होना न चाहिए, पर सब के साथ कोमल और शिक्षा में निपुण, और सहनशील हो। और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें।
- 2 Chronicles 30:23 2 इतिहास 30:23तब सारी सभा ने सम्मति की कि हम और सात दिन वर्व मानेंगे; सोे उन्हों ने और सात दिन आनन्द से पर्व्व मनाया।
- Acts 4:1 प्रेरितों के काम 4:1जब वे लोगों से यह कह रहे थे, तो याजक और मन्दिर के सरदार और सदूकी उन पर चढ़ आएं।
- Mark 6:33–34 मरकुस 6:33–34और बहुतों ने उन्हें जाते देखकर पचिान लिया, और सब नगरों से इकट्ठे होकर वहां पैदल दौड़े और उन से पहिले जा पहुंचे। उस ने निकलकर बड़ी भीड़ देखी, और उन पर तरस खाया, क्योंकि वे उन भेड़ों के समान थे, जिन का कोई रखवाला न हो; और वह उन्हें बहुत सी बातें सिखाने लगा।
Original words (Hebrew)
- second · H8145שֵׁנִי shênîy
- day · H3117יוֹם yôwm
- together · H622אָסַף ʼâçaph
- chief · H7218רֹאשׁ rôʼsh
- fathers · H1אָב ʼâb
- people · H5971עַם ʻam
- priests · H3548כֹּהֵן kôhên
- Levites · H3881לֵוִיִּי Lêvîyîy
- Ezra · H5830עֶזְרָא ʻEzrâʼ
- scribe · H5608סָפַר çâphar
- understand · H7919שָׂכַל sâkal
- words · H1697דָּבָר dâbâr
- law · H8451תּוֹרָה tôwrâh