Proverbs · chapter 20 · verse 27
Proverbs 20:27 in Hindi
मनुष्य की आत्मा यहोवा का दीपक है; वह मन की सब बातों की खोज करता है।
Manushy kee aatmaa yahovaa kaa deepak hai; vah man kee sab baatom kee khoj karataa hai.
Proverbs 20:27 in English
- King James Version (KJV)
- The spirit of man [is] the candle of the LORD, searching all the inward parts of the belly.
- World English Bible (WEB)
- The spirit of man is the LORD’s lamp, searching all his innermost parts.
- American Standard Version (ASV)
- The spirit of man is the lamp of Jehovah, Searching all his innermost parts.
- Bible in Basic English (BBE)
- The Lord keeps watch over the spirit of man, searching all the deepest parts of the body.
- Darby Translation (DBY)
- Man's spirit is the lamp of Jehovah, searching all the inner parts of the belly.
- Webster's Bible (WBS)
- The spirit of man [is] the candle of the LORD, searching all the inward parts of the belly.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The breath of man [is] a lamp of Jehovah, Searching all the inner parts of the heart.
Read in context
- 25जो मनुष्य बिना विचारे किसी वस्तु को पवित्रा ठहराए, और जो मन्नत मानकर पूछपाछ करने लगे, वह फन्दे में फंसेगा।
- 26बुद्धिमान राजा दुष्टों को फटकता है, ओर उन पर दावने का पहिया चलवाता है।
- 27मनुष्य की आत्मा यहोवा का दीपक है; वह मन की सब बातों की खोज करता है।
- 28राजा की रक्षा कृपा और सच्चाई के कारण होती है, और कृपा करने से उसकी गद्दी संभलती है।
- 29जवानों का गौरव उनका बल है, परन्तु बूढ़ों की शोभा उनके पक्के बाल हैं।
Cross references
- 1 Corinthians 2:11 1 कुरिन्थियों 2:11मनुष्यों में से कौन किसी मनुष्य की बातें जानता, केवल मनुष्य की बातें भी कोई नहीं जानता, केवल परमेवर का आत्मा।
- Hebrews 4:12–13 इब्रानियों 4:12–13क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग करके, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है। और सृष्टि की कोई वस्तु उस से छिपी नहीं है बरन जिस से हमें काम है, उस की आंखों के साम्हने सब वस्तुएं खुली और बेपरद हैं।।
- Job 32:8 अय्यूब 32:8परन्तु मनुष्य में आत्मा तो है ही, और सर्वशक्तिमान अपनी दी हुई सांस से उन्हें समझने की शक्ति देता है।
- 1 John 3:19–21 1 यूहन्ना 3:19–21इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उसे विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे। क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है। हे प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोष न दे, तो हमें परमेश्वर के साम्हने हियाव होता है।
- Romans 2:15 रोमियों 2:15वे व्यवस्था की बातें अपने हृदयों में लिखी हुई दिखने हैं और उन के विवेक भी गवाही देते हैं, और उन की चिन्ताएं परस्पर दोष लगाती, या उन्हें निर्दोष ठहराती है।)
- Genesis 2:7 उत्पत्ति 2:7और यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा और उसके नथनो में जीवन का श्वास फूंक दिया; और आदम जीवता प्राणी बन गया।
- 2 Corinthians 4:2–6 2 कुरिन्थियों 4:2–6परन्तु हम ने लज्जा के गुप्त कामों को त्याग दिया, और न चतुराई से चलते, और न परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं, परन्तु सत्य को प्रगट करके, परमेश्वर के साम्हने हर एक मनुष्य के विवेक में अपनी भलाई बैठाते हैं। परन्तु यदि हमारे सुसमाचार पर परदा पड़ा है, तो यह नाश होनेवालों ही के लिये पड़ा है। और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके। क्योंकि हम अपने को नहीं, परन्तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और उसके विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं। इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिस ने कहा, कि अन्धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो।।
- Proverbs 20:30 नीतिवचन 20:30चोट लगने से जो घाव होते हैं, वह बुराई दूर करते हैं; और मार खाने से हृदय निर्मल हो जाता है।।