Proverbs · chapter 27 · verse 18
Proverbs 27:18 in Hindi
जो अंजीर के पेड़ की रक्षा करता है वह उसका फल खाता है, इसी रीति से जो अपने स्वामी की सेवा करता उसकी महिमा होती है।
Jo anjeer ke ped kee rakshaa karataa hai vah usakaa phal khaataa hai, isee reeti se jo apane svaamee kee sevaa karataa usakee mahimaa hotee hai.
Proverbs 27:18 in English
- King James Version (KJV)
- Whoso keepeth the fig tree shall eat the fruit thereof: so he that waiteth on his master shall be honoured.
- World English Bible (WEB)
- Whoever tends the fig tree shall eat its fruit. He who looks after his master shall be honored.
- American Standard Version (ASV)
- Whoso keepeth the fig-tree shall eat the fruit thereof; And he that regardeth his master shall be honored.
- Bible in Basic English (BBE)
- Whoever keeps a fig-tree will have its fruit; and the servant waiting on his master will be honoured.
- Darby Translation (DBY)
- Whoso keepeth the fig-tree shall eat the fruit thereof; and he that guardeth his master shall be honoured.
- Webster's Bible (WBS)
- He that keepeth the fig-tree shall eat the fruit of it: so he that waiteth on his master shall be honored.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The keeper of a fig-tree eateth its fruit, And the preserver of his master is honoured.
Read in context
- 16जो उसको रोक रखे, वह वायु को भी रोक रखेगा और दहिने हाथ से वह तेल पकड़ेगा।
- 17जैसे लोहा लोहे को चमका देता है, वैसे ही मनुष्य का मुख अपने मित्रा की संगति से चमकदार हो जाता है।
- 18जो अंजीर के पेड़ की रक्षा करता है वह उसका फल खाता है, इसी रीति से जो अपने स्वामी की सेवा करता उसकी महिमा होती है।
- 19जैसे जल में मुख की परछाई सुख से मिलती है, वैसे ही एक मनुष्य का मन दूसरे मनुष्य के मन से मिलता है।
- 20जैसे अधोलोक और विनाशलोक, वैसे ही मनुष्य की आंखें भी तृप्त नहीं होती।
Cross references
- 1 Corinthians 9:7 1 कुरिन्थियों 9:7कौन कभी अपनी गिरह से खाकर सिपाही का काम करता है: कौन दाख की बारी लगाकर उसका फल नहीं खाता? कौन भेड़ों की रखवाली करके उन का दूध नहीं पीता?
- 2 Timothy 2:6 2 तीमुथियुस 2:6जो गृहस्थ परिश्रम करता है, फल का अंश पहिले उसे मिलना चाहिए।
- Song of Solomon 8:12 श्रेष्ठगीत 8:12मेरी निज दाख की बारी मेरे ही लिये है; हे सुलैमान, हजार तुझी को और फल के रखवालों को दो सौ मिलें॥
- Luke 12:37 लूका 12:37धन्य हैं वे दास, जिन्हें स्वामी आकर जागते पाए; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वह कमर बान्ध कर उन्हें भोजन करने को बैठाएगा, और पास आकर उन की सेवा करेगा।
- John 12:26 यूहन्ना 12:26यदि कोई मेरी सेवा करे, तो मेरे पीछे हो ले; और जहां मैं हूं वहां मेरा सेवक भी होगा; यदि कोई मेरी सेवा करे, तो पिता उसका आदर करेगा।
- Luke 19:17 लूका 19:17उस ने उस से कहा; धन्य हे उत्तम दास, तुझे धन्य है, तू बहुत ही थोड़े में विश्वासी निकला अब दस नगरों का अधिकार रख।
- 1 Corinthians 3:8 1 कुरिन्थियों 3:8लगानेवाला और सींचनेवाला दानों एक हैं; परन्तु हर एक व्यक्ति अपने ही परिश्रम के अनुसार अपनी ही मजदूरी पाएगा।
- Matthew 24:46 मत्ती 24:46धन्य है, वह दास, जिसे उसका स्वामी आकर ऐसा की करते पाए।
- Luke 12:43–44 लूका 12:43–44धन्य है वह दास, जिसे उसका स्वामी आकर ऐसा ही करते पाए। मैं तुम से सच कहता हूं; वह उसे अपनी सब संपत्ति पर सरदार ठहराएगा।
- Proverbs 22:29 नीतिवचन 22:29यदि तू ऐसा पुरूष देखे जो कामकाज में निपुण हो, तो वह राजाओं के सम्मुख खड़ा होगा; छोटे लोगों के सम्मुख नहीं।।
- Genesis 39:22–23 उत्पत्ति 39:22–23सो बन्दीगृह के दरोगा ने उन सब बन्धुओं को, जो कारागार में थे, यूसुफ के हाथ में सौप दिया; और जो जो काम वे वहां करते थे, वह उसी की आज्ञा से होता था। बन्दीगृह के दरोगा के वश में जो कुछ था; क्योंकि उस में से उसको कोई भी वस्तु देखनी न पड़ती थी; इसलिये कि यहोवा यूसुफ के साथ था; और जो कुछ वह करता था, यहोवा उसको उस में सफलता देता था।
- 1 Peter 2:18 1 पतरस 2:18हे सेवकों, हर प्रकार के भय के साथ अपने स्वामियों के आधीन रहो, न केवल भलों और नम्रों के, पर कुटिलों के भी।