Proverbs · chapter 31 · verse 9
Proverbs 31:9 in Hindi
अपना मुंह खोल और धर्म से न्याय कर, और दीन दरिद्रों का न्याय कर।
Apanaa munh khol aur dharm se nyaay kar, aur deen daridrom kaa nyaay kar.
Proverbs 31:9 in English
- King James Version (KJV)
- Open thy mouth, judge righteously, and plead the cause of the poor and needy.
- World English Bible (WEB)
- Open your mouth, judge righteously, and serve justice to the poor and needy.”
- American Standard Version (ASV)
- Open thy mouth, judge righteously, And minister justice to the poor and needy.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let your mouth be open, judging rightly, and give right decisions in the cause of the poor and those in need.
- Darby Translation (DBY)
- Open thy mouth, judge righteously, and minister justice to the afflicted and needy.
- Webster's Bible (WBS)
- Open thy mouth, judge righteously, and plead the cause of the poor and needy.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Open thy mouth, judge righteously, Both the cause of the poor and needy!'
Read in context
- 7जिस से वे पीकर अपनी दरिद्रता को भूल जाएं और अपने कठिन श्रम फिर स्मरण न करें।
- 8गूंगे के लिये अपना मुंह खोल, और सब अनाथों का न्याय उचित रीति से किया कर।
- 9अपना मुंह खोल और धर्म से न्याय कर, और दीन दरिद्रों का न्याय कर।
- 10भली पत्नी कौन पा सकता है? क्योंकि उसका मूल्य मूंगों से भी बहुत अधिक है। उसके पति के मन में उसके प्रति विश्वास है।
- 11और उसे लाभ की घटी नहीं होती।
Cross references
- Isaiah 1:17 यशायाह 1:17भलाई करना सीखो; यत्न से न्याय करो, उपद्रवी को सुधारो; अनाथ का न्याय चुकाओ, विधवा का मुक मा लड़ो।।
- Amos 5:11–12 आमोस 5:11–12तुम जो कंगालों को लताड़ा करते, और भेंट कहकर उस से अन्न हर लेते हो, इसलिये जो घर तुम ने गढ़े हुए पत्थरों के बनाए हैं, उन में रहने न पाओगे; और जो मनभावनी दाख की बारियां तुम ने लगाई हैं, उनका दाखमधु न पीने पाओगे। क्योंकि मैं जानता हूं कि तुम्हारे पाप भारी हैं। तुम धर्मी को सताते और घूस लेते, और फाटक में दरिद्रों का न्याय बिगाड़ते हो।
- Leviticus 19:15 लैव्यव्यवस्था 19:15न्याय में कुटिलता न करना; और न तो कंगाल का पक्ष करना और न बड़े मनुष्यों का मुंह देखा विचार करना; उस दूसरे का न्याय धर्म से करना।
- Job 29:15–16 अय्यूब 29:15–16मैं अन्धों के लिये आंखें, और लंगड़ों के लिये पांव ठहरता था। दरिद्र लोगों का मैं पिता ठहरता था, और जो मेरी पहिचान का न था उसके मुक़ मे का हाल मैं पूछताछ करके जान लेता था।
- Deuteronomy 1:16 व्यवस्थाविवरण 1:16और उस समय मैं ने तुम्हारे न्यायियों को आज्ञा दी, कि तुम अपने भाइयों के मुक मे सुना करो, और उनके बीच और उनके पड़ोसियों और परदेशियों के बीच भी धर्म से न्याय किया करो।
- Jeremiah 22:3 यिर्मयाह 22:3यहोवा यों कहता है, न्याय और धर्म के काम करो; और लुटे हुए को अन्धेर करनेवाले के हाथ से छुड़ाओ। और परदेशी, अनाथ और विधवा पर अन्धेर व उपद्रव मत करो, न इस स्थान में निदषों का लोहू बहाओ।
- Jeremiah 5:28 यिर्मयाह 5:28वे मोटे और चिकने हो गए हैं। बुरे कामों में वे सीमा को लांध गए हैं; वे न्याय, विशेष करके अनाथों का न्याय नहीं चुकाते; इस से उनका काम सफल नहीं होता: वे कंगालों का हक़ भी नहीं दिलाते।
- Proverbs 16:12 नीतिवचन 16:12दुष्टता करना राजाओं के लिये घृणित काम है, क्योंकि उनकी गद्दी धर्म ही से स्थिर रहती है।
- Daniel 4:27 दानिय्येल 4:27इस कारण, हे राजा, मेरी यह सम्मति स्वीकार कर, कि यदि तू पाप छोड़कर धर्म करने लगे, और अधर्म छोड़कर दीन- हीनों पर दया करने लगे, तो सम्भव है कि ऐसा करने से तेरा चैन बना रहे।।
- Isaiah 1:23 यशायाह 1:23तेरे हाकिम हठीले और चोरों से मिले हैं। वे सब के सब घूस खानेवाले और भेंट के लालची हैं। वे अनाथ का न्याय नहीं करते, और न विधवा का मुक मा अपने पास आने देते हैं।
- Job 29:12 अय्यूब 29:12क्योंकि मैं दोहाई देनेवाले दीन जन को, और असहाय अनाथ को भी छुड़ाता था।
- Deuteronomy 16:18–20 व्यवस्थाविवरण 16:18–20तू अपने एक एक गोत्रा में से, अपने सब फाटकों के भीतर जिन्हें तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को देता है न्यायी और सरदार नियुक्त कर लेना, जो लोगों का न्याय धर्म से किया करें। तुम न्याय न बिगाड़ना; तू न तो पक्षपात करना; और न तो घूस लेना, क्योंकि घूस बुद्धिमान की आंखें अन्धी कर देती है, और धर्मियों की बातें पलट देती है। जो कुछ नितान्त ठीक है उसी का पीछा पकड़े रहना, जिस से तू जीवित रहे, और जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसका अधिकारी बना रहे।।