Psalms · chapter 115 · verse 18
Psalm 115:18 in Hindi
परन्तु हम लोग याह को अब से लेकर सर्वदा तक धन्य कहते रहेंगे। याह की स्तुति करो!
Parantu ham log yaah ko ab se lekar sarvadaa tak dhany kahate rahenge. Yaah kee stuti karo!
Psalm 115:18 in English
- King James Version (KJV)
- But we will bless the LORD from this time forth and for evermore. Praise the LORD.
- World English Bible (WEB)
- but we will bless the LORD, from this time forward and forever more. Praise the LORD!
- American Standard Version (ASV)
- But we will bless Jehovah From this time forth and for evermore. Praise ye Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- But we will give praise to the Lord now and for ever. Praise be to the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- But we will bless Jah from this time forth and for evermore. Hallelujah!
- Webster's Bible (WBS)
- But we will bless the LORD from this time forth and for ever. Praise the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And we, we bless Jah, From henceforth, and unto the age. Praise ye Jah!
Read in context
- 16स्वर्ग तो यहोवा का है, परन्तु पृथ्वी उस ने मनुष्यों को दी है।
- 17मृतक जितने चुपचाप पड़े हैं, वे तो याह की स्तुति नहीं कर सकते,
- 18परन्तु हम लोग याह को अब से लेकर सर्वदा तक धन्य कहते रहेंगे। याह की स्तुति करो!
Cross references
- Psalm 113:2 भजन संहिता 113:2यहोवा का नाम अब से लेकर सर्वदा तक धन्य कहा जाय!
- Daniel 2:20 दानिय्येल 2:20परमेश्वर का नाम युगानुयुग धन्य है; क्योंकि बुद्धि और पराक्रम उसी के हैं।
- Revelation 5:13 प्रकाशितवाक्य 5:13फिर मैं ने स्वर्ग में, और पृथ्वी पर, और पृथ्वी के नीचे, और समुद्र की सब सृजी हुई वस्तुओं को, और सब कुछ को जो उन में हैं, यह कहते सुना, कि जो सिंहासन पर बैठा है, उसका, और मेम्ने का धन्यवाद, और आदर, और महिमा, और राज्य, युगानुयुग रहे।
- Psalm 145:21 भजन संहिता 145:21मैं यहोवा की स्तुति करूंगा, और सारे प्राणी उसके पवित्रा नाम को सदा सर्वदा धन्य कहते रहें।।
- Psalm 145:2 भजन संहिता 145:2प्रति दिन मैं तुझ को धन्य कहा करूंगा, और तेरे नाम की स्तुति सदा सर्वदा करता रहूंगा।
- Psalm 118:17–19 भजन संहिता 118:17–19मैं न मरूंगा वरन जीवित रहूंगा, और परमेश्वर परमेश्वर के कामों का वर्णन करता रहूंगा। परमेश्वर ने मेरी बड़ी ताड़ना तो की है परन्तु मुझे मृत्यु के वश में नहीं किया।। मेरे लिये धर्म के द्वार खोलो, मैं उन से प्रवेश करके याह का धन्यवाद करूंगा।।