Psalms · chapter 131 · verse 1
Psalm 131:1 in Hindi
हे यहोवा, न तो मेरा मन गर्व से और न मेरी दृष्टि घमण्ड से भरी है; और जो बातें बड़ी और मेरे लिये अधिक कठिन हैं, उन से मैं काम नहीं रखता।
He yahovaa, na to meraa man garv se aur na meree drushti ghamand se bharee hai; aur jo baatem badee aur mere liye adhik kathin haim, un se maim kaam naheem rakhataa.
Psalm 131:1 in English
- King James Version (KJV)
- A Song of degrees of David. LORD, my heart is not haughty, nor mine eyes lofty: neither do I exercise myself in great matters, or in things too high for me.
- World English Bible (WEB)
- A Song of Ascents. By David. LORD, my heart isn’t arrogant, nor my eyes lofty; nor do I concern myself with great matters, or things too wonderful for me.
- American Standard Version (ASV)
- A Song of Ascents; of David. Jehovah, my heart is not haughty, nor mine eyes lofty; Neither do I exercise myself in great matters, Or in things too wonderful for me.
- Bible in Basic English (BBE)
- A Song of the going up. Of David. Lord, there is no pride in my heart and my eyes are not lifted up; and I have not taken part in great undertakings, or in things over-hard for me.
- Darby Translation (DBY)
- A Song of degrees. Of David. Jehovah, my heart is not haughty, nor mine eyes lofty; neither do I exercise myself in great matters, and in things too wonderful for me.
- Webster's Bible (WBS)
- A Song of degrees of David. LORD, my heart [is] not haughty, nor my eyes lofty: neither do I exercise myself in great matters, or in things too high for me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A Song of the Ascents, by David. Jehovah, my heart hath not been haughty, Nor have mine eyes been high, Nor have I walked in great things, And in things too wonderful for me.
Read in context
- 1हे यहोवा, न तो मेरा मन गर्व से और न मेरी दृष्टि घमण्ड से भरी है; और जो बातें बड़ी और मेरे लिये अधिक कठिन हैं, उन से मैं काम नहीं रखता।
- 2निश्चय मैं ने अपने मन को शान्त और चुप कर दिया है, जैसे दूध छुड़ाया हुआ लड़का अपनी मां की गोद में रहता है, वैसे ही दूध छुड़ाए हुए लड़के के समान मेरा मन भी रहता है।।
- 3हे इस्राएल, अब से लेकर सदा सर्वदा यहोवा ही पर आशा लगाए रह!
Cross references
- Romans 12:16 रोमियों 12:16आपस में एक सा मन रखो; अभिमानी न हो; परन्तु दीनों के साथ संगति रखो; अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न हो।
- Psalm 139:6 भजन संहिता 139:6यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है; यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है।।
- Job 42:3 अय्यूब 42:3तू कौन है जो ज्ञान रहित होकर युक्ति पर परदा डालता है? परन्तु मैं ने तो जो नहीं समझता था वही कहा, अर्थात् जो बातें मेरे लिये अधिक कठिन और मेरी समझ से बाहर थीं जिनको मैं जानता भी नहीं था।
- Matthew 11:29 मत्ती 11:29मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दी हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
- Psalm 101:5 भजन संहिता 101:5जो छिपकर अपने पड़ोसी की चुगली खाए, उसको मैं सत्यानाश करूंगा; जिसकी आंखें चढ़ी हों और जिसका मन घमण्डी है, उसकी मैं न सहूंगा।।
- Jeremiah 45:5 यिर्मयाह 45:5इसलिये सुन, क्या तू अपने लिये बड़ाई खोज रहा है? उसे मत खोज; क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि मैं सारे मनुष्यों पर विपत्ति डालूंगा; परन्तु जहां कहीं तू जाएगा वहां मैं तेरा प्राण बचाकर तुझे जीवित रखूंगा।
- 1 Thessalonians 2:6–7 1 थिस्सलुनीकियों 2:6–7और यद्यपि हम मसीह के प्रेरित होने के कारण तुम पर बोझ डाल सकते थे, तौभी हम मनुष्यों से आदर नहीं चाहते थे, और न तुम से, न और किसी से। परन्तु जिस तरह माता अपने बालकों का पालन- पोषण करती है, वैसे ही हम ने भी तुम्हारे बीच में रहकर कोमलता दिखाई है।
- Psalm 122:1 भजन संहिता 122:1जब लोगों ने मुझ से कहा, कि हम यहोवा के भवन को चलें, तब मैं आनन्दित हुआ।
- Numbers 12:3 गिनती 12:3मूसा तो पृथ्वी भर के रहने वाले मनुष्यों से बहुत अधिक नम्र स्वभाव का था।
- Amos 7:14–15 आमोस 7:14–15आमोस ने उत्तर देकर अमस्याह से कहा, मैं ने तो भविष्यद्वक्ता था, और न भविष्यद्वक्ता का बेटा; मैं तो गाय- बैल का चरवाहा, और गूलर के वृक्षों का छांटनेहारा था, और यहोवा ने मुझे भेड़- बकरियों के पीछे पीछे फिरने से बुलाकर कहा, जा, मेरी प्रजा इस्राएल से भविष्यद्वाणी कर।
- Deuteronomy 17:20 व्यवस्थाविवरण 17:20जिस से वह अपने मन में घमण्ड करके अपने भाइयों को तुच्छ न जाने, और इन आज्ञाओं से न तो दहिने मुड़े और न बाएं; जिस से कि वह और उसके वंश के लोग इस्राएलियों के मध्य बहुत दिनों तक राज्य करते रहें।।
- Psalm 124:1 भजन संहिता 124:1इस्राएल यह कहे, कि यदि हमारी ओर यहोवा न होता,