Psalms · chapter 30 · verse 8
Psalm 30:8 in Hindi
हे यहोवा मैं ने तुझी को पुकारा; और यहोवा से गिड़गिड़ाकर यह बिनती की, कि
He yahovaa maim ne tujhee ko pukaaraa; aur yahovaa se gidagidaakar yah binatee kee, ki
Psalm 30:8 in English
- King James Version (KJV)
- I cried to thee, O LORD; and unto the LORD I made supplication.
- World English Bible (WEB)
- I cried to you, LORD. I made supplication to the Lord:
- American Standard Version (ASV)
- I cried to thee, O Jehovah; And unto Jehovah I made supplication:
- Bible in Basic English (BBE)
- My voice went up to you, O Lord; I made my prayer to the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- I called to thee, Jehovah, and unto the Lord did I make supplication:
- Webster's Bible (WBS)
- I cried to thee, O LORD; and to the LORD I made supplication.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Unto Thee, O Jehovah, I call, And unto Jehovah I make supplication.
Read in context
- 6मैं ने तो चैन के समय कहा था, कि मैं कभी नहीं टलने का।
- 7हे यहोवा अपनी प्रसन्नता से तू ने मेरे पहाड़ को दृढ़ और स्थिर किया था; जब तू ने अपना मुख फेर लिया तब मैं घबरा गया।।
- 8हे यहोवा मैं ने तुझी को पुकारा; और यहोवा से गिड़गिड़ाकर यह बिनती की, कि
- 9जब मैं कब्र में चला जाऊंगा तब मेरे लोहू से क्या लाभ होगा? क्या मिट्टी तेरा धन्यवाद कर सकती है? क्या वह तेरी सच्चाई का प्रचार कर सकती है?
- 10हे यहोवा, सुन, मुझ पर अनुग्रह कर; हे यहोवा, तू मेरा सहायक हो।।
Cross references
- Philippians 4:6–7 फिलिप्पियों 4:6–7किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी।।
- Psalm 34:6 भजन संहिता 34:6इस दीन जन ने पुकारा तब यहोवा ने सुन लिया, और उसको उसके सब कष्टों से छुड़ा लिया।।
- Psalm 130:1–2 भजन संहिता 130:1–2हे यहोवा, मैं ने गहिरे स्थानों में से तुझ को पुकारा है! हे प्रभु, मेरी सुन! तेरे कान मेरे गिड़गिड़ाने की ओर ध्यान से लगे रहें!
- Psalm 77:1–2 भजन संहिता 77:1–2मैं परमेश्वर की दोहाई चिल्ला चिल्लाकर दूंगा, मैं परमेश्वर की दोहाई दूंगा, और वह मेरी ओर कान लगाएगा। संकट के दिन मैं प्रभु की खोज में लगा रहा; रात को मेरा हाथ फैला रहा, और ढीला न हुआ, मुझ में शांति आई ही नहीं।
- 1 Corinthians 12:8–9 1 कुरिन्थियों 12:8–9क्योंकि एक को आत्मा के द्वारा बुद्वि की बातें दी जाती हैं; और दूसरे को उसी आत्मा के अनुसार ज्ञान की बातें। और किसी को उसी आत्मा से विश्वास; और किसी को उसी एक आत्मा से चंगा करने का बरदान दिया जाता है।