1 Timothy · chapter 3 · verse 14
1 Timothy 3:14 in Hindi
मैं तेरे पास जल्द आने की आशा रखने पर भी ये बातें तुझे इसलिये लिखता हूं।
Maim tere paas jald aane kee aashaa rakhane par bhee ye baatem tujhe isaliye likhataa hoon.
1 Timothy 3:14 in English
- King James Version (KJV)
- These things write I unto thee, hoping to come unto thee shortly:
- World English Bible (WEB)
- These things I write to you, hoping to come to you shortly,
- American Standard Version (ASV)
- These things write I unto thee, hoping to come unto thee shortly;
- Bible in Basic English (BBE)
- I am writing these things to you, though I am hoping to come to you before long;
- Darby Translation (DBY)
- These things I write to thee, hoping to come to thee more quickly;
- Webster's Bible (WBS)
- These things I write to thee, hoping to come to thee shortly:
- Young's Literal Translation (YLT)
- These things I write to thee, hoping to come unto thee soon,
Read in context
- 12सेवक एक ही पत्नी के पति हों और लड़केबालों और अपने घरों का अच्छा प्रबन्ध करना जानते हों।
- 13क्योंकि जो सेवक का काम अच्छी तरह से कर सकते हैं, वे अपने लिये अच्छा पद और उस विश्वास में, जो मसीह यीशु पर है, बड़ा हियाव प्राप्त करते हैं।।
- 14मैं तेरे पास जल्द आने की आशा रखने पर भी ये बातें तुझे इसलिये लिखता हूं।
- 15कि यदि मेरे आने में देर हो तो तू जान ले, कि परमेश्वर का घर, जो जीवते परमेश्वर की कलीसिया है, और जो सत्य का खंभा, और नेव है; उस में कैसा बर्ताव करना चाहिए।
- 16और इस में सन्देह नहीं, कि भक्ति का भेद गम्भीर है; अर्थात् वह जो शरीर में प्रगट हुआ, आत्मा में धर्मी ठहरा, स्वर्गदूतों को दिखाई दिया, अन्यजातियों में उसका प्रचार हुआ, जगत में उस पर विश्वास किया गया, और महिमा में ऊपर उठाया गया।।
Cross references
- 1 Corinthians 11:34 1 कुरिन्थियों 11:34यदि कोई भूखा हो, तो अपने घर में खा ले जिस से तुम्हार इकट्ठा होना दण्ड का कारण न हो: और शेष बातों को मैं आकर ठीक कर दूंगा।।
- Philemon 1:22 फिलेमोन 1:22और यह भी, कि मेरे लिये उतरने की जगह तैयार रख; मुझे आशा है, कि तुम्हारी प्रार्थनाओं के द्वारा मैं तुम्हें दे दिया जाऊंगा।।
- 2 Corinthians 1:15–17 2 कुरिन्थियों 1:15–17और इस भरोसे से मैं चाहता था कि पहिले तुम्हारे पास आऊं; कि तुम्हें एक और दान मिले। और तुम्हारे पास से होकर मकिदुनिया को जाऊं, और तुम मुछे यहूदिया की ओर कुद दूर तक पहुंचाओ। इसलिये मैं ने जो यह इच्छा की थी तो क्या मैं ने चंचलता दिखाई? या जो करना चाहता हूं क्या शरीर के अनुसार करना चाहता हूं, कि मैं बात में हां, हां भी करूं;
- 3 John 1:14 3 यूहन्ना 1:14पर मुझे आशा है कि तुझ से शीघ्र भेंट करूंगा: तब हम आम्हने साम्हने बातचीत करेंगे: तुझे शान्ति मिलती रहे। यहां के मित्रा तुझे नमस्कार करते हैं: वहां के मित्रों के नाम ले लेकर नमस्कार कह देना।।
- 1 Timothy 4:13 1 तीमुथियुस 4:13जब तक मैं न आऊं, तब तक पढ़ने और उपदेश और सिखाने में लौलीन रह।
- Hebrews 13:23 इब्रानियों 13:23तुम यह जान लो कि तीमुथियुस हमारा भाई छूट गया है और यदि वह शीघ्र आ गया, तो मैं उसके साथ तुम से भेंट करूंगा।
- 1 Thessalonians 2:18 1 थिस्सलुनीकियों 2:18इसलिये हम ने (अर्थात् मुझ पौलुस ने) एक बार नहीं, बरन दो बार तुम्हारे पास आना चाहा, परन्तु शैतान हमें रोके रहा।
- 2 John 1:12 2 यूहन्ना 1:12मुझे बहुत सी बातें तुम्हें लिखनी हैं, पर कागज और सियाही से लिखना नहीं चाहता; पर आशा है, कि मैं तुम्हारे पास आऊंगा, और सम्मुख होकर बातचीत करूंगा: जिस से तुम्हारा आनन्द पूरा हो।
- 1 Corinthians 16:5–7 1 कुरिन्थियों 16:5–7और मैं मकिदुनिया होकर तो जाना ही है। परन्तु सम्भव है कि तुम्हारे यहां ही ठहर जाऊं और शरद ऋतु तुम्हारे यंहा काटूं, तब जिस ओर मेरा जाना हो, उस ओर तुम मुझे पहुंचा दो। क्योंकि मैं अब मार्ग में तुम से भेंट करना नहीं चाहता; परन्तु मुझे आशा है, कि यदि प्रभु चाहे तो कुछ समय तक तुम्हारे साथ रहूंगा।