Genesis · chapter 2 · verse 5
Genesis 2:5 in Hindi
तब मैदान का कोई पौधा भूमि पर न था, और न मैदान का कोई छोटा पेड़ उगा था, क्योंकि यहोवा परमेश्वर ने पृथ्वी पर जल नहीं बरसाया था, और भूमि पर खेती करने के लिये मनुष्य भी नहीं था;
Tab maidaan kaa koee paudhaa bhoomi par na thaa, aur na maidaan kaa koee chhotaa ped ugaa thaa, kyonki yahovaa parameshvar ne pruthvee par jal naheem barasaayaa thaa, aur bhoomi par khetee karane ke liye manushy bhee naheem thaa;
Genesis 2:5 in English
- King James Version (KJV)
- And every plant of the field before it was in the earth, and every herb of the field before it grew: for the LORD God had not caused it to rain upon the earth, and [there was] not a man to till the ground.
- World English Bible (WEB)
- No plant of the field was yet on the earth, and no herb of the field had yet sprung up; for the LORD God had not caused it to rain on the earth. There was not a man to till the ground,
- American Standard Version (ASV)
- And no plant of the field was yet in the earth, and no herb of the field had yet sprung up; for Jehovah God had not caused it to rain upon the earth: and there was not a man to till the ground;
- Bible in Basic English (BBE)
- In the day when the Lord God made earth and heaven there were no plants of the field on the earth, and no grass had come up: for the Lord God had not sent rain on the earth and there was no man to do work on the land.
- Darby Translation (DBY)
- and every shrub of the field before it was in the earth, and every herb of the field before it grew; for Jehovah Elohim had not caused it to rain on the earth, and there was no man to till the ground.
- Webster's Bible (WBS)
- And every plant of the field before it was in the earth, and every herb of the field before it grew: for the LORD God had not caused it to rain on the earth, and [there was] not a man to till the ground.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and no shrub of the field is yet in the earth, and no herb of the field yet sprouteth, for Jehovah God hath not rained upon the earth, and a man there is not to serve the ground,
Read in context
- 3और परमेश्वर ने सातवें दिन को आशीष दी और पवित्रा ठहराया; क्योंकि उस में उस ने अपनी सृष्टि की रचना के सारे काम से विश्राम लिया।
- 4आकाश और पृथ्वी की उत्पत्ति का वृत्तान्त यह है कि जब वे उत्पन्न हुए अर्थात् जिस दिन यहोवा परमेश्वर ने पृथ्वी और आकाश को बनाया:
- 5तब मैदान का कोई पौधा भूमि पर न था, और न मैदान का कोई छोटा पेड़ उगा था, क्योंकि यहोवा परमेश्वर ने पृथ्वी पर जल नहीं बरसाया था, और भूमि पर खेती करने के लिये मनुष्य भी नहीं था;
- 6तौभी कुहरा पृथ्वी से उठता था जिस से सारी भूमि सिंच जाती थी
- 7और यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा और उसके नथनो में जीवन का श्वास फूंक दिया; और आदम जीवता प्राणी बन गया।
Cross references
- Genesis 3:23 उत्पत्ति 3:23तब यहोवा परमेश्वर ने उसको अदन की बाटिका में से निकाल दिया कि वह उस भूमि पर खेती करे जिस मे से वह बनाया गया था।
- Job 5:10 अय्यूब 5:10वही पृथ्वी के ऊपर वर्षा करता, और खेतों पर जल बरसाता है।
- Hebrews 6:7 इब्रानियों 6:7क्योंकि जो भूमि वर्षा के पानी को जो उस पर बार बार पड़ता है, पी पीकर जिन लोगों के लिये वह जोती- बोई जाती है, उन के काम का साग- पात उपजाती है, वह परमेश्वर से आशीष पाती है।
- Genesis 4:12 उत्पत्ति 4:12चाहे तू भूमि पर खेती करे, तौभी उसकी पूरी उपज फिर तुझे न मिलेगी, और तू पृथ्वी पर बहेतू और भगोड़ा होगा।
- Job 38:26–28 अय्यूब 38:26–28कि निर्जन देश में और जंगल में जहां कोई मनुष्य नहीं रहता मेंह बरसाकर, उजाड़ ही उजाड़ देश को सींचे, और हरी घास उगाए? क्या मेंह का कोई पिता है, और ओस की बूंदें किस ने उत्पन्न की?
- Genesis 1:11–12 उत्पत्ति 1:11–12फिर परमेश्वर ने कहा, पृथ्वी से हरी घास, तथा बीजवाले छोटे छोटे पेड़, और फलदाई वृक्ष भी जिनके बीज उन्ही में एक एक की जाति के अनुसार होते हैं पृथ्वी पर उगें; और वैसा ही हो गया। तो पृथ्वी से हरी घास, और छोटे छोटे पेड़ जिन में अपनी अपनी जाति के अनुसार बीज होता है, और फलदाई वृक्ष जिनके बीज एक एक की जाति के अनुसार उन्ही में होते हैं उगे; और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है।
- Genesis 4:2 उत्पत्ति 4:2फिर वह उसके भाई हाबिल को भी जन्मी, और हाबिल तो भेड़- बकरियों का चरवाहा बन गया, परन्तु कैन भूमि की खेती करने वाला किसान बना।
- Psalm 104:14 भजन संहिता 104:14तू पशुओं के लिये घास, और मनुष्यों के काम के लिये अन्नादि उपजाता है, और इस रीति भूमि से वह भोजन- वस्तुएं उत्पन्न करता है,
- Jeremiah 14:22 यिर्मयाह 14:22क्या अन्यजातियों की मूरतों में से कोई वर्षा कर सकता है? क्या आकाश झड़ियां लगा सकता है? हे हमारे परमेश्वर यहोवा, क्या तू ही इन सब बातों का करनेवाला नहीं है? हम तेरा ही आसरा देखते रहेंगे, क्योंकि इन सारी वस्तुओं का सृजनहार तू ही है।
- Psalm 135:7 भजन संहिता 135:7वह पृथ्वी की छोर से कुहरे उठाता है, और वर्षा के लिये बिजली बनाता है, और पवन को अपने भण्डार में से निकालता है।
- Matthew 5:45 मत्ती 5:45जिस से तुम अपने स्वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनो पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है।
- Psalm 65:9–11 भजन संहिता 65:9–11तू भूमि की सुधि लेकर उसको सींचता हैं, तू उसको बहुत फलदायक करता है; परमेश्वर की नहर जल से भरी रहती है; तू पृथ्वी को तैयार करके मनुष्यों के लिये अन्न को तैयार करता है। तू रेघारियों को भली भांति सींचता है, और उनके बीच की मिट्टी को बैठाता है, तू भूमि को मेंह से नरम करता है, और उसकी उपज पर आशीष देता है। अपनी भलाई से भरे हुए वर्ष पर तू ने मानो मुकुट धर दिया है; तेरे मार्गों में उत्तम उत्तम पदार्थ पाए जाते हैं।
Original words (Hebrew)
- plant · H7880שִׂיחַ sîyach
- field · H7704שָׂדֶה sâdeh
- before · H2962טֶרֶם ṭerem
- earth · H776אֶרֶץ ʼerets
- herb · H6212עֶשֶׂב ʻeseb
- field · H7704שָׂדֶה sâdeh
- before · H2962טֶרֶם ṭerem
- grew · H6779צָמַח tsâmach
- for · H3588כִּי kîy
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- not · H3808לֹא lôʼ
- rain · H4305מָטַר mâṭar
- earth · H776אֶרֶץ ʼerets
- not · H369אַיִן ʼayin
- man · H120אָדָם ʼâdâm
- till · H5647עָבַד ʻâbad
- ground · H127אֲדָמָה ʼădâmâh