Psalms · chapter 135 · verse 7
Psalm 135:7 in Hindi
वह पृथ्वी की छोर से कुहरे उठाता है, और वर्षा के लिये बिजली बनाता है, और पवन को अपने भण्डार में से निकालता है।
Vah pruthvee kee chhor se kuhare uthaataa hai, aur varshaa ke liye bijalee banaataa hai, aur pavan ko apane bhandaar mem se nikaalataa hai.
Psalm 135:7 in English
- King James Version (KJV)
- He causeth the vapours to ascend from the ends of the earth; he maketh lightnings for the rain; he bringeth the wind out of his treasuries.
- World English Bible (WEB)
- He causes the clouds to rise from the ends of the earth. He makes lightnings with the rain. He brings the wind out of his treasuries.
- American Standard Version (ASV)
- Who causeth the vapors to ascend from the ends of the earth; Who maketh lightnings for the rain; Who bringeth forth the wind out of his treasuries;
- Bible in Basic English (BBE)
- He makes the mists go up from the ends of the earth; he makes thunder-flames for the rain; he sends out the winds from his store-houses.
- Darby Translation (DBY)
- Who causeth the vapours to ascend from the ends of the earth; who maketh lightnings for the rain; who bringeth the wind out of his treasuries:
- Webster's Bible (WBS)
- He causeth the vapors to ascend from the ends of the earth; he maketh lightnings for the rain; he bringeth the wind out of his treasuries.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Causing vapours to ascend from the end of the earth, Lightnings for the rain He hath made, Bringing forth wind from His treasures.
Read in context
- 5मैं तो जानता हूं कि हमारा प्रभु यहोवा सब देवताओं से महान है।
- 6जो कुछ यहोवा ने चाहा उसे उस ने आकाश और पृथ्वी और समुद्र और सब गहिरे स्थानों में किया है।
- 7वह पृथ्वी की छोर से कुहरे उठाता है, और वर्षा के लिये बिजली बनाता है, और पवन को अपने भण्डार में से निकालता है।
- 8उस ने मि में क्या मनुष्य क्या पशु, सब के पहिलौठों को मार डाला!
- 9हे मि, उस ने तेरे बीच में फिरौन और उसके सब कर्मचारियों के बीच चिन्ह और चमत्कार किए।
Cross references
- Jeremiah 10:13 यिर्मयाह 10:13जब वह बोलता है तब आकाश में जल का बड़ा शब्द होता है, और पृथ्वी की छोर से वह कुहरे को उठाता है। वह वर्षा के लिये बिजली चमकाता, और अपने भणडार में से पवन चलाता है।
- Zechariah 10:1 जकर्याह 10:1बरसात के अन्त में यहोवा से वर्षा मांगो, यहोवा से जो बिजली चमकाता है, और वह उनको वर्षा देगा और हर एक के खेत में हरियाली उपजाएगा।
- Jeremiah 51:16 यिर्मयाह 51:16जब वह बोलता है तब आकाश में जल का बड़ा शब्द होता है, वह पृथ्वी की छोर से कुहरा उठाता है। वह वर्षा के लिये बिजली बनाता, और अपने भण्डार में से पवन निकाल ले आता है।
- Job 28:25–26 अय्यूब 28:25–26जब उस ने वायु का तौल ठहराया, और जल को नपुए में नापा, और मेंह के लिये विधि और गर्जन और बिजली के लिये मार्ग ठहराया,
- Psalm 148:8 भजन संहिता 148:8हे अग्नि और ओलो, हे हिम और कुहरे, हे उसका वचन माननेवाली प्रचण्ड बयार!
- John 3:8 यूहन्ना 3:8हवा जिधर चाहती है उधर चलती है, और तू उसका शब्द सुनता है, परन्तु नहीं जानता, कि वह कहां से आती और किधर को जाती है? जो कोई आत्मा से जन्मा है वह ऐसा ही है।
- Genesis 2:5–6 उत्पत्ति 2:5–6तब मैदान का कोई पौधा भूमि पर न था, और न मैदान का कोई छोटा पेड़ उगा था, क्योंकि यहोवा परमेश्वर ने पृथ्वी पर जल नहीं बरसाया था, और भूमि पर खेती करने के लिये मनुष्य भी नहीं था; तौभी कुहरा पृथ्वी से उठता था जिस से सारी भूमि सिंच जाती थी
- Jeremiah 14:22 यिर्मयाह 14:22क्या अन्यजातियों की मूरतों में से कोई वर्षा कर सकता है? क्या आकाश झड़ियां लगा सकता है? हे हमारे परमेश्वर यहोवा, क्या तू ही इन सब बातों का करनेवाला नहीं है? हम तेरा ही आसरा देखते रहेंगे, क्योंकि इन सारी वस्तुओं का सृजनहार तू ही है।
- Jonah 1:4 योना 1:4तब यहोवा ने समुद्र में एक प्रचण्ड आंधी चलाई, और समुद्र में बड़ी आंधी उठी, यहां तक कि जहाज टूटने पर था।
- 1 Kings 18:1 1 राजा 18:1बहुत दिनों के बाद, तीसरे वर्ष में यहोवा का यह वचन एलिरयाह के पास पहुंचा, कि जाकर अपने अपप को अहाब को दिखा, और मैं भूमि पर मेंह बरसा दूंगा।
- 1 Kings 18:41–45 1 राजा 18:41–45फिर एलिरयाह ने अहाब से कहा, उठकर खा पी, क्योंकि भारी वर्षा की सनसनाहट सुन पडती है। तब अहाब खाने पीने चला गया, और एलिरयाह कर्म्मेल की चोटी पर चढ़ गया, और भूमि पर गिर कर अपना मुंह घुटनों के बीच किया। और उस ने अपने सेवक से कहा, चढ़कर समुद्र की ओर दृष्टि कर देख, तब उस ने चढ़कर देखा और लौटकर कहा, कुछ नहीं दीखता। एलिरयाह ने कहा, फिर सात बार जा। सातवीं बार उस ने कहा, देख समुद्र में से मनुष्य का हाथ सा एक छोटा आदल उठ रहा है। एलिरयाह ने कहा, अहाब के पास जाकर कह, कि रथ जुतवा कर नीचे जा, कहीं ऐसा न हो कि नू वर्षा के कारण रूक जाए। थोड़ी ही देर में आकाश वायु से उड़ाई हुई घटाओं, और आन्धी से काला हो गया और भरी वर्षा होने लगी; और अहाब सवार होकर यिज्रेल को चला।
- Job 5:10 अय्यूब 5:10वही पृथ्वी के ऊपर वर्षा करता, और खेतों पर जल बरसाता है।