Mark · chapter 4 · verse 7
Mark 4:7 in Hindi
और कुछ तो झाड़ियों में गिरा, और झाड़ियों ने बढ़कर उसे दबा लिया, और वह फल न लाया।
Aur kuchh to jhaadiyom mem giraa, aur jhaadiyom ne badhakar use dabaa liyaa, aur vah phal na laayaa.
Mark 4:7 in English
- King James Version (KJV)
- And some fell among thorns, and the thorns grew up, and choked it, and it yielded no fruit.
- World English Bible (WEB)
- Others fell among the thorns, and the thorns grew up and choked it, and it yielded no fruit.
- American Standard Version (ASV)
- And other fell among the thorns, and the thorns grew up, and choked it, and it yielded no fruit.
- Bible in Basic English (BBE)
- And some went among the thorns, and the thorns came up, and it had no room for growth and gave no fruit.
- Darby Translation (DBY)
- And another fell among the thorns, and the thorns grew up and choked it, and it yielded no fruit.
- Webster's Bible (WBS)
- And some fell among thorns, and the thorns grew up, and choked it, and it yielded no fruit.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and other fell toward the thorns, and the thorns did come up, and choke it, and fruit it gave not;
Read in context
- 5और कुछ पत्थरीली भूमि पर गिरा जहां उस की बहुत मिट्टी न मिली, और गहरी मिट्टी न मिलने के कारण जल्द उग आया।
- 6और जब सूर्य निकला, तो जल गया, और जड़ न पकड़ने के कारण सूख गया।
- 7और कुछ तो झाड़ियों में गिरा, और झाड़ियों ने बढ़कर उसे दबा लिया, और वह फल न लाया।
- 8परन्तु कुछ अच्छी भूमि पर गिरा; और वह उगा, और बढ़कर फलवन्त हुआ; और कोई तीस गुणा, कोई साठ गुणा और कोई सौ गुणा फल लाया।
- 9और उस ने कहा; जिस के पास सुनने के लिये कान हों वह सुन ले।।
Cross references
- Jeremiah 4:3 यिर्मयाह 4:3क्योंकि यहूदा और यरूशलेम के लोगों से यहोवा ने यों कहा है, अपनी पड़ती भूमि को जोतो, और कटीले झाड़ों में बीज मत बोओ।
- 1 John 2:15–16 1 यूहन्ना 2:15–16तुम न तो संसार से और न संसार में की वस्तुओं से प्रेम रखो: यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उस में पिता का प्रेम नहीं है। क्योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात् शरीर की अभिलाषा, और आंखों की अभिलाषा और जीविका का घमण्ड, वह पिता की ओर से नहीं, परन्तु संसार ही की ओर से है।
- Luke 21:34 लूका 21:34इसलिये सावधान रहो, ऐसा न हो कि तुम्हारे मन खुमार और मतवालेपन, और इस जीवन की चिन्ताओं से सुस्त हो जाएं, और वह दिन तुम पर फन्दे की नाई अचानक आ पड़े।
- Luke 12:15 लूका 12:15और उस ने उन से कहा, चौकस रहो, और हर प्रकार के लोभ से अपने आप को बचाए रखो: क्योंकि किसी का जीवन उस की संपत्ति की बहुतायत से नहीं होता।
- Genesis 3:17–18 उत्पत्ति 3:17–18और आदम से उस ने कहा, तू ने जो अपनी पत्नी की बात सुनी, और जिस वृक्ष के फल के विषय मै ने तुझे आज्ञा दी थी कि तू उसे न खाना उसको तू ने खाया है, इसलिये भूमि तेरे कारण शापित है: तू उसकी उपज जीवन भर दु:ख के साथ खाया करेगा: और वह तेरे लिये कांटे और ऊंटकटारे उगाएगी, और तू खेत की उपज खाएगा;
- 1 Timothy 6:9–10 1 तीमुथियुस 6:9–10पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं। क्योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटककर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है।।
- Luke 8:14 लूका 8:14जो झाड़ियों में गिरा, सो वे हैं, जो सुनते हैं, पर होते होते चिन्ता और धन और जीवन के सुख विलास में फंस जाते हैं, और उन का फल नहीं पकता।
- Matthew 13:22 मत्ती 13:22जो झाड़ियों में बोया गया, यह वह है, जो वचन को सुनता है, पर इस संसार की चिन्ता और धन का धोखा वचन को दबाता है, और वह फल नहीं लाता।
- Luke 8:7 लूका 8:7कुछ झाड़ियों के बीच में गिरा, और झाड़ियों ने साथ साथ बढ़कर उसे दबा लिया।
- Mark 4:18–19 मरकुस 4:18–19और जो झाडियों में बोए गए ये वे हैं जिन्हों ने वचन सुना। और संसार की चिन्ता, और धन का धोखा, और और वस्तुओं का लोभ उन में समाकर वचन को दबा देता है। और वह निष्फल रह जाता है।
- Matthew 13:7 मत्ती 13:7कुछ झाड़ियों में गिरे, और झाड़ियों ने बढ़कर उन्हें दबा डाला।