Psalms · chapter 10 · verse 9
Psalm 10:9 in Hindi
जैसा सिंह अपनी झाड़ी में वैसा ही वह भी छिपकर घात में बैठा करता है; वह दीन को पकड़ने के लिये घात लगाए रहता है,
Jaisaa sinh apanee jhaadee mem vaisaa hee vah bhee chhipakar ghaat mem baithaa karataa hai; vah deen ko pakadane ke liye ghaat lagaae rahataa hai,
Psalm 10:9 in English
- King James Version (KJV)
- He lieth in wait secretly as a lion in his den: he lieth in wait to catch the poor: he doth catch the poor, when he draweth him into his net.
- World English Bible (WEB)
- He lurks in secret as a lion in his ambush. He lies in wait to catch the helpless. He catches the helpless when he draws him in his net.
- American Standard Version (ASV)
- He lurketh in secret as a lion in his covert; He lieth in wait to catch the poor: He doth catch the poor, when he draweth him in his net.
- Bible in Basic English (BBE)
- He keeps himself in a secret place like a lion in his hole, waiting to put his hands on the poor man, and pulling him into his net.
- Darby Translation (DBY)
- He lieth in wait secretly, like a lion in his thicket; he lieth in wait to catch the afflicted: he doth catch the afflicted, drawing him into his net.
- Webster's Bible (WBS)
- He lieth in wait secretly as a lion in his den: he lieth in wait to catch the poor: he doth catch the poor, when he draweth him into his net.
- Young's Literal Translation (YLT)
- He lieth in wait in a secret place, as a lion in a covert. He lieth in wait to catch the poor, He catcheth the poor, drawing him into his net.
Read in context
- 7उसका मुंह शाप और छल और अन्धेर से भरा है; उत्पात और अनर्थ की बातें उसके मुंह में हैं।
- 8वह गांवों के घतों में बैठा करता है, और गुप्त स्थानों में निर्दोष को घात करता है, उसकी आंखे लाचार की घात में लगी रहती है।
- 9जैसा सिंह अपनी झाड़ी में वैसा ही वह भी छिपकर घात में बैठा करता है; वह दीन को पकड़ने के लिये घात लगाए रहता है,
- 10वह दीन को अपने जाल में फंसाकर घसीट लाता है, तब उसे पकड़ लेता है।
- 11वह झुक जाता है और वह दबक कर बैठता है; और लाचार लोग उसके महाबली हाथों से पटके जाते हैं।
Cross references
- Psalm 17:12 भजन संहिता 17:12वह उस सिंह की नाई है जो अपने शिकार की लालसा करता है, और जवान सिंह की नाई घात लगाने के स्थानों में बैठा रहता है।।
- Psalm 59:3 भजन संहिता 59:3क्योंकि देख, वे मेरी घात में लगे हैं; हे यहोवा, मेरा कोई दोष वा पाप नहीं है, तौभी बलवन्त लोग मेरे विरूद्ध इकट्ठे होते हैं।
- Micah 7:2 मीका 7:2भक्त लोग पृथ्वी पर से नाश हो गए हैं, और मनुष्यों में एक भी सीधा नहीं जन नहीं रहा; वे सब के सब हत्या के लिये घात लगाते, और जाल लगाकर अपने अपने भाई का आहेर करते हैं।
- Psalm 35:10 भजन संहिता 35:10मेरी हड्डी हड्डी कहेंगी, हे यहोवा तेरे तुल्य कौन है, जो दी को बड़े बड़े बलवन्तों से बचाता है, और लुटेरों से दीन दरिद्र लोगों की रक्षा करता है?
- Psalm 12:5 भजन संहिता 12:5दी लोगों के लुट जाने, और दरिद्रों के कराहने के कारण, परमेश्वर कहता है, अब मैं उठूंगा, जिस पर वे फुंकारते हैं उसे मैं चैन विश्राम दूंगा।
- Zechariah 11:3 जकर्याह 11:3चरवाहों के हाहाकार का शब्द हो रहा है, क्योंकि उनका विभव नाश हो गया है! जवान सिंहों का गरजना सुनाई देता है, क्योंकि यरदन के तीर का घना वन नाश किया गया है!
- Proverbs 22:16 नीतिवचन 22:16जो अपने लाभ के निमित्त कंगाल पर अन्धेर करता है, और जो धनी को भेंट देता, वे दोनो केवल हानि ही उठाते हैं।।
- Isaiah 3:15 यशायाह 3:15सेनाओं के प्रभु यहोवा की यह वाणी है, तुम क्यों मेरी प्रजा को दलते, और दीन लोगों को पीस डालते हो!
- Job 5:15–16 अय्यूब 5:15–16परन्तु वह दरिद्रों को उनके वचनरूपी तलवार से और बलवानों के हाथ से बचाता है। इसलिये कंगालों को आशा होती है, और कुटिल मनुष्यों का मुंह बन्द हो जाता है।
- Amos 3:4 आमोस 3:4क्या सिंह बिना अहेर पाए वन में गरजेंगे? क्या जवान सिंह बिना कुछ पकड़े अपनी मांद में से गुर्राएगा?
- Isaiah 32:7 यशायाह 32:7छली की चालें बुरी होती हैं, वह दुष्ट युक्तियां निकालता है कि दरिद्र को भी झूठी बातों में लूटे जब कि वे ठीक और नम्रता से भी बोलते हों।
- Amos 2:6–7 आमोस 2:6–7यहोवा यों कहता है, इस्राएल के तीन क्या, वरन चार अपराधों के कारण, मैं उसका दण्ड न छोडूंगा; क्योंकि उन्हों ने निर्दोष को रूपये के लिये और दरिद्र को एक जोड़ी जूतियों के लिये बेच डाला है। वे कंगालों के सिर पर की धूलि का भी लालच करते, और नम्र लोगों को मार्ग से हटा देते हैं; और बाप- बेटा दोनों एक ही कुमारी के पास जाते हैं, जिस से मेरे पवित्रा नाम को अपवित्रा ठहराएं।