Psalms · chapter 44 · verse 24
Psalm 44:24 in Hindi
तू क्यों अपना मुंह छिपा लेता है? और हमारा दु:ख और सताया जाना भूल जाता है?
Too kyom apanaa munh chhipaa letaa hai? Aur hamaaraa du:kh aur sataayaa jaanaa bhool jaataa hai?
Psalm 44:24 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore hidest thou thy face, [and] forgettest our affliction and our oppression?
- World English Bible (WEB)
- Why do you hide your face, and forget our affliction and our oppression?
- American Standard Version (ASV)
- Wherefore hidest thou thy face, And forgettest our affliction and our oppression?
- Bible in Basic English (BBE)
- Why is your face covered, and why do you give no thought to our trouble and our cruel fate?
- Darby Translation (DBY)
- Wherefore hidest thou thy face, [and] forgettest our affliction and our oppression?
- Webster's Bible (WBS)
- Why hidest thou thy face, [and] forgettest our affliction and our oppression?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Why Thy face hidest Thou? Thou forgettest our afflictions and our oppression,
Read in context
- 22परन्तु हम दिन भर तेरे निमित्त मार डाले जाते हैं, और उन भेड़ों के समान समझे जाते हैं जो वध होने पर हैं।।
- 23हे प्रभु, जाग! तू क्यों सोता है? उठ! हम को सदा के लिये त्याग न दे!
- 24तू क्यों अपना मुंह छिपा लेता है? और हमारा दु:ख और सताया जाना भूल जाता है?
- 25हमारा प्राण मिट्टी से लग गया; हमारा पेट भूमि से सट गया है।
- 26हमारी सहायता के लिये उठ खड़ा हो! और अपनी करूणा के निमित्त हम को छुड़ा ले।।
Cross references
- Job 13:24 अय्यूब 13:24तू किस कारण अपना मुंह फेर लेता है, और मुझे अपना शत्रु गिनता है?
- Deuteronomy 32:20 व्यवस्थाविवरण 32:20तब उस ने कहा, मैं उन से अपना मुख छिपा लूंगा, और देखूंगा कि उनका अन्त कैसा होगा, क्योंकि इस जाति के लोग बहुत टेढ़े हैं और धोखा देनेवाले पुत्रा हैं।
- Psalm 42:9 भजन संहिता 42:9मैं ईश्वर से जो मेरी चट्टान है कहूंगा, तू मुझे क्यों भूल गया? मैं शत्रु के अन्धेर के मारे क्यों शोक का पहिरावा पहिने हुए चलता फिरता हूं?
- Psalm 10:11 भजन संहिता 10:11वह झुक जाता है और वह दबक कर बैठता है; और लाचार लोग उसके महाबली हाथों से पटके जाते हैं।
- Psalm 13:1 भजन संहिता 13:1हे परमेश्वर तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझ से छिपाए रहेगा?
- Psalm 10:1 भजन संहिता 10:1हे यहोवा तू क्यों दूर खड़ा रहता है? संकट के समय में क्यों छिपा रहता है?
- Psalm 74:23 भजन संहिता 74:23अपने द्रोहियों का बड़ा बोल न भूल, तेरे विरोधियों को कोलाहल तो निरन्तर उठता रहता है।
- Exodus 2:23–24 निर्गमन 2:23–24बहुत दिनों के बीतने पर मि का राजा मर गया। और इस्राएली कठिन सेवा के कारण लम्बी लम्बी सांस लेकर आहें भरने लगे, और पुकार उठे, और उनकी दोहाई जो कठिन सेवा के कारण हुई वह परमेश्वर तक पहुंची। और परमेश्वर ने उनका कराहना सुनकर अपनी वाचा को, जो उस ने इब्राहीम, और इसहाक, और याकूब के साथ बान्धी थी, स्मरण किया।
- Psalm 43:1–4 भजन संहिता 43:1–4हे परमेश्वर, मेरा न्याय चुका और विधर्मी जाति से मेरा मुक मा लड़; मुझ को छली और कुटिल पुरूष से बचा। क्योंकि हे परमेश्वर, तू ही मेरी शरण है, तू ने क्यों मुझे त्याग दिया है? मैं शत्रु के अन्धेर के मारे शोक का पहिरावा पहिने हुए क्यों फिरता रहूं? अपने प्रकाश और अपनी सच्चाई को भेज; वे मेरी अगुवाई करें, वे ही मुझ को तेरे पवित्रा पर्वत पर और तेरे निवास स्थान में पहुंचाए! तब मैं परमेश्वर की वेदी के पास जाऊंगा, उस ईश्वर के पास जो मेरे अति आनन्द का कुण्ड है; और हे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर मैं वीणा बजा बजाकर तेरा धन्यवाद करूंगा।।
- Revelation 6:9–10 प्रकाशितवाक्य 6:9–10और जब उस ने पांचवी मुहर खोली, तो मैं ने वेदी के नीचे उन के प्राणों को देखा, जो परमेश्वर के वचन के कारण, और उस गवाही के कारण जो उन्हों ने दी थी, वध किए गए थे। और उन्हों ने बड़े शब्द से पुकार कर कहा; हे स्वामी, हे पवित्रा, और सत्य; तू कब तक न्याय न करेगा? और पृथ्वी के रहनेवालों से हमारे लोहू का पलटा कब तक न लेगा?
- Psalm 74:19 भजन संहिता 74:19अपनी पिण्डुकी के प्राण को वनपशु के वश में न कर; अपने दी जनों को सदा के लिये न भूल
- Isaiah 40:27–28 यशायाह 40:27–28हे याकूब, तू क्यों कहता है, हे इस्राएल तू क्यों बोलता है, मेरा मार्ग यहोवा के छिपा हुआ है, मेरा परमेश्वर मेरे न्याय की कुछ चिन्ता नहीं करता? क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? यहोवा जो सनातन परमेश्वर और पृथ्वी भर का सिरजनहार है, वह न थकता, न श्रमित होता है, उसकी बुद्धि अगम है।