Psalms · chapter 46 · verse 3
Psalm 46:3 in Hindi
चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठे।।
Chaahe samudr garaje aur phen uthaae, aur pahaad usakee baadh se kaamp uthe..
Psalm 46:3 in English
- King James Version (KJV)
- [Though] the waters thereof roar [and] be troubled, [though] the mountains shake with the swelling thereof. Selah.
- World English Bible (WEB)
- though its waters roar and are troubled, though the mountains tremble with their swelling. Selah.
- American Standard Version (ASV)
- Though the waters thereof roar and be troubled, Though the mountains tremble with the swelling thereof. [Selah
- Bible in Basic English (BBE)
- Though its waters are sounding and troubled, and though the mountains are shaking with their violent motion. (Selah.)
- Darby Translation (DBY)
- Though the waters thereof roar [and] foam, though the mountains shake with the swelling thereof. Selah.
- Webster's Bible (WBS)
- [Though] its waters shall roar [and] be disturbed, [though] the mountains shake with the swelling of it. Selah.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Roar — troubled are its waters, Mountains they shake in its pride. Selah.
Read in context
- 1परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक।
- 2इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं;
- 3चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठे।।
- 4एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात् परमप्रधान के पवित्रा निवास भवन में आनन्द होता है।
- 5परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।
Cross references
- Psalm 93:3–4 भजन संहिता 93:3–4हे यहोवा, महानदों का कोलाहल हो रहा है, महानदों का बड़ा शब्द हो रहा है, महानद गरजते हैं। महासागर के शब्द से, और समुद्र की महातरंगों से, विराजमान यहोवा अधिक महान है।।
- Jeremiah 5:22 यिर्मयाह 5:22यहोवा की यह वाणी है, क्या तुम लोग मेरा भय नहीं मानते? क्या तुम मेरे सम्मुख नहीं थरथराते? मैं ने बालू को समुद्र का सिवाना ठहराकर युग युग का ऐसा बान्ध ठहराया कि वह उसे लांध न सके; और चाहे उसकी लहरें भी उठें, तौभी वे प्रबल न हो सकें, या जब वे गरजें तौभी उसको न लांध सकें।
- Job 9:5–6 अय्यूब 9:5–6वह तो पर्वतों को अचानक हटा देता है और उन्हें पता भी नहीं लगता, वह क्रोध में आकर उन्हें उलट पुलट कर देता है। वह पृथ्वी को हिलाकर उसके स्थान से अलग करता है, और उसके खम्भे कांपने लगते हैं।
- Judges 5:4–5 न्यायियों 5:4–5हे यहोवा, जब तू सेईर से निकल चला, जब तू ने एदोम के देश से प्रस्थान किया, तब पृथ्वी डोल उठी, और आकाश टूट पड़ा, बादल से भी जल बरसने लगा।। यहोवा के प्रताप से पहाड़, इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के प्रताप से वह सीनै पिघलकर बहने लगा।
- Micah 1:4 मीका 1:4और पहाड़ उसके नीचे गल जाएंगे, और तराई ऐसे फटेंगी, जैसे मोम आग की आंच से, और पानी जो घाट से नीचे बहता है।
- Nahum 1:5 नहूम 1:5उसके स्पर्श से पहाड़ कांप उठते हैं और पहाड़ियां गल जाती हैं; उसके प्रताप से पृथ्वी वरन सारा संसार अपने सब रहनेवालों समेत थरथरा उठता है।।
- Revelation 16:20 प्रकाशितवाक्य 16:20और हर एक टापू अपनी जगह से टल गया; और पहाड़ों का पता न लगा।
- Psalm 114:4–7 भजन संहिता 114:4–7पहाड़ मेढ़ों की नाईं उछलने लगे, और पहाड़ियां भेड़- बकरियों के बच्चों की नाईं उछलने लगीं।। हे समुद्र, तुझे क्या हुआ, कि तू भागा? और हे यर्दन तुझे क्या हुआ, कि तू उलठी बही? हे पहाड़ों तुम्हें क्या हुआ, कि तुम भेड़ों की नाईं, और हे पहाड़ियों तुम्हें क्या हुआ, कि तुम भेड़- बकरियों के बच्चों की नाईं उछलीं? हे पृथ्वी प्रभु के साम्हने, हां याकूब के परमेश्वर के साम्हने थरथरा।
- Isaiah 5:3 यशायाह 5:3अब हे यरूशलेम के निवासियों और हे यहूदा के मनुष्यों, मेरे और मेरी दाख की बारी के बीच न्याय करो।
- Job 38:11 अय्यूब 38:11यहीं तक आ, और आगे न बढ़, और तेरी उमंडनेवाली लहरें यहीं थम जाएं?
- Matthew 7:25 मत्ती 7:25और मेंह बरसा और बाढ़ें आईं, और आन्धियां चलीं, और उस घर पर टक्करें लगीं, परन्तु वह नहीं गिरा, क्योंकि उस की नेव चटान पर डाली गई थी।
- Psalm 18:4 भजन संहिता 18:4मृत्यु की रस्सियों से मैं चारो ओर से घिर गया हूं, और अधर्म की बाढ़ ने मुझ को भयभीत कर दिया;