Lamentations · chapter 3 · verse 17
Lamentations 3:17 in Hindi
और मुझ को मन से उतारकर कुशल से रहित किया है; मैं कल्याण भूल गया हूँ;
Aur mujh ko man se utaarakar kushal se rahit kiyaa hai; maim kalyaan bhool gayaa hoon;
Lamentations 3:17 in English
- King James Version (KJV)
- And thou hast removed my soul far off from peace: I forgat prosperity.
- World English Bible (WEB)
- You have removed my soul far away from peace. I forgot prosperity.
- American Standard Version (ASV)
- And thou hast removed my soul far off from peace; I forgat prosperity.
- Bible in Basic English (BBE)
- My soul is sent far away from peace, I have no more memory of good.
- Darby Translation (DBY)
- And thou hast removed my soul far off from peace: I have forgotten prosperity.
- Webster's Bible (WBS)
- And thou hast removed my soul far off from peace: I forgat prosperity.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Thou castest off from peace my soul, I have forgotten prosperity.
Read in context
- 15उस ने मुझे कठिन दु:ख से भर दिया, और नागदौना पिलाकर तृप्त किया है।
- 16उस ने मेरे दांतों को कंकरी से तोड़ डाला, और मुझे राख से ढांप दिया है;
- 17और मुझ को मन से उतारकर कुशल से रहित किया है; मैं कल्याण भूल गया हूँ;
- 18इसलिऐ मैं ने कहा, मेरा बल नाश हुआ, और मेरी आश जो यहोवा पर थी, वह टूट गई है।
- 19मेरा दु:ख और मारा मारा फिरना, मेरा नागदौने और- और विष का पीना स्मरण कर!
Cross references
- Isaiah 59:11 यशायाह 59:11हम सब के सब रीछों की नाई चिल्लाते हैं और पण्डुकों के समान च्यूं च्यूं करते हैं; हम न्याय की बाट तो जोहते हैं, पर वह कहीं नहीं; और उद्धार की बाट जोहते हैं पर वह हम से दूर ही रहता है।
- Isaiah 54:10 यशायाह 54:10चाहे पहाड़ हट जाएं और पहाडिय़ां टल जाएं, तौभी मेरी करूणा तुझ पर से कभी न हटेगी, और मेरी शान्तिदायक वाचा न टलेगी, यहोवा, जो तुझ पर दया करता है, उसका यही वचन है॥
- Genesis 41:30 उत्पत्ति 41:30उनके पश्चात् सात वर्ष अकाल के आयेंगे, और सारे मि देश में लोग इस सारी उपज को भूल जायेंगे; और अकाल से देश का नाश होगा।
- Psalm 119:155 भजन संहिता 119:155दुष्टों को उद्धार मिलना कठिन है, क्योंकि वे तेरी विधियों की सुधि नहीं रखते।
- Lamentations 1:16 विलापगीत 1:16इन बातों के कारण मैं रोती हूँ; मेरी आंखों से आंसू की धारा बहती रहती है; क्योंकि जिस शान्तिदाता के कारण मेरा जी हरा भरा हो जाता था, वह मुझ से दूर हो गया; मेरे लड़के-बाले अकेले हो गए, क्योंकि शत्रु प्रबल हुआ है।
- Jeremiah 14:19 यिर्मयाह 14:19क्या तू ने यहूदा से बिलकुल हाथ उठा लिया? क्या तू सिरयोन से घिन करता है? नहीं, तू ने क्यों हम को ऐसा मारा है कि हम चंगे हो ही नहीं सकते? हम शान्ति की बाट जोहते रहे, तौभी कुछ कल्याण नहीं हुआ; और यद्यपि हम अच्छे हो जाने की आशा करते रहे, तौभी घबराना ही पड़ा है।
- Jeremiah 8:15 यिर्मयाह 8:15हम शान्ति की बाट जोहते थे, परन्तु कुछ कल्याण नहीं मिला, और चंगाई की आशा करते थे, परन्तु घबराना ही पड़ा है।
- Jeremiah 16:5 यिर्मयाह 16:5यहोवा ने कहा, जिस घर में रोनापीटना हो उस में न जाना, न छाती पीटने के लिये कहीं जाना और न इन लोगों के लिये शोक करना; क्योंकि यहोवा की यह वाणी है कि मैं ने अपनी शान्ति और करूणा और दया इन लोगों पर से उठा ली है।
- Job 7:7 अय्यूब 7:7याद कर कि मेरा जीवन वायु ही है; और मैं अपनी आंखों से कल्याण फिर न देखूंगा।
- Zechariah 8:10 जकर्याह 8:10उन दिनों के पहिले, न तो मनुष्य की मजदूरी मिलती थी और न पशु का भाड़ा, वरन सतानेवालों के कारण न तो आनेवाले को चैन मिलता था और न जानेवाले को; क्योंकि मैं सब मनुष्यों से एक दूसरे पर चढ़ाई कराता था।
- Jeremiah 20:14–18 यिर्मयाह 20:14–18स्रापित हो वह दिन जिस में मैं उत्पन्न हुआ! जिस दिन मेरी माता ने मुझ को जन्म दिया वह धन्य न हो! स्रापित हो वह जन जिस ने मेरे पिता को यह समाचार देकर उसको बहुत आनन्दित किया कि तेरे लड़का उत्पन्न हुआ है। उस जन की दशा उन नगरों की सी हो जिन्हें यहोवा ने बिन दया ढा दिया; उसे सवेरे तो चिल्लाहट और दोपहर को युठ्ठ की ललकार सुनाई दिया करे, क्योंकि उस ने मुझे गर्भ ही में न मार डाला कि मेरी माता का गर्भाशय ही मेरी क़ब्र होती, और मैं उसी में सदा पड़ा रहता। मैं क्यों उत्पात और शोक भोगने के लिये जन्मा और कि अपने जीवन में परिश्रम और दुेचा देखूं, और उपने दिन नामधराई में व्यतीत करूं?
- Isaiah 38:17 यशायाह 38:17देख, शान्ति ही के लिये मुझे बड़ी कडुआहट मिली; परन्तु तू ने स्नेह करके मुझे विनाश के गड़हे से निकाला है, क्योंकि मेरे सब पापों को तू ने अपनी पीठ के पीछे फेंक दिया है।