Psalms · chapter 109 · verse 16
Psalm 109:16 in Hindi
क्योंकि वह दुष्ट, कृपा करना भूल गया वरन दी और दरिद्र को सताता था और मार डालने की इच्छा से खेदित मनवालों के पीछे पड़ा रहता था।।
Kyonki vah dusht, krupaa karanaa bhool gayaa varan dee aur daridr ko sataataa thaa aur maar daalane kee ichchhaa se khedit manavaalom ke peechhe padaa rahataa thaa..
Psalm 109:16 in English
- King James Version (KJV)
- Because that he remembered not to shew mercy, but persecuted the poor and needy man, that he might even slay the broken in heart.
- World English Bible (WEB)
- because he didn’t remember to show kindness, but persecuted the poor and needy man, the broken in heart, to kill them.
- American Standard Version (ASV)
- Because he remembered not to show kindness, But persecuted the poor and needy man, And the broken in heart, to slay [them].
- Bible in Basic English (BBE)
- Because he had no mercy, but was cruel to the low and the poor, designing the death of the broken-hearted.
- Darby Translation (DBY)
- Because he remembered not to shew kindness, but persecuted the afflicted and needy man, and the broken in heart, to slay him.
- Webster's Bible (WBS)
- Because that he remembered not to show mercy, but persecuted the poor and needy man, that he might even slay the broken in heart.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Because that he hath not remembered to do kindness, And pursueth the poor man and needy, And the smitten of heart — to slay,
Read in context
- 14उसके पितरों का अधर्म यहोवा को स्मरण रहे, और उसकी माता का पाप न मिटे!
- 15वह निरन्तर यहोवा के सम्मुख रहे, कि वह उनका नाम पृथ्वी पर से मिटा डाले!
- 16क्योंकि वह दुष्ट, कृपा करना भूल गया वरन दी और दरिद्र को सताता था और मार डालने की इच्छा से खेदित मनवालों के पीछे पड़ा रहता था।।
- 17वह शाप देने में प्रीति रखता था, और शाप उस पर आ पड़ा; वह आशीर्वाद देने से प्रसन्न न होता था, सो आर्शीवाद उस से दूर रहा।
- 18वह शाप देना वस्त्रा की नाई पहिनता था, और वह उसके पेट में जल की नाई और उसकी हडि्डयों में तेल की नाई समा गया।
Cross references
- Psalm 34:18 भजन संहिता 34:18यहोवा टूटे मनवालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्वार करता है।।
- Psalm 37:14 भजन संहिता 37:14दुष्ट लोग तलवार खींचे और धनुष बढ़ाए हुए हैं, ताकि दीन दरिद्र को गिरा दें, और सीधी चाल चलनेवालों को वध करें।
- Matthew 18:33–35 मत्ती 18:33–35सो जैसा मैं ने तुझ पर दया की, वैसे ही क्या तुझे भी अपने संगी दास पर दया करना नहीं चाहिए था? और उसके स्वामी ने क्रोध में आकर उसे दण्ड देनेवालों के हाथ में सौंप दिया, कि जब तक वह सब कर्जा भर न दे, तब तक उन के हाथ में रहे। इसी प्रकार यदि तुम में से हर एक अपने भाई को मन से क्षमा न करेगा, तो मेरा पिता जो स्वर्ग में है, तुम से भी वैसा ही करेगा।।
- James 2:13 याकूब 2:13क्योंकि जिस ने दया नहीं की, उसका न्याय बिना दया के होगा: दया न्याय पर जयवन्त होती है।।
- Job 19:21–22 अय्यूब 19:21–22हे मेरे मित्रो! मुझ पर दया करो, दया, क्योंकि ईश्वर ने मुझे मारा है। तुम ईश्वर की नाई क्यों मेरे पीछे पड़े हो? और मेरे मांस से क्यों तृप्त नहीं हुए?
- Mark 14:34–36 मरकुस 14:34–36और उन से कहा; मेरा मन बहुत उदास है, यहां तक कि मैं मरने पर हूं: तुम यहां ठहरो, और जागते रहो। और वह थोड़ा आगे बढ़ा, और भूमि पर गिरकर प्रार्थना करने लगा, कि यदि हो सके तो यह घड़ी मुझ पर से टल जाए। और कहा, हे अब्बा, हे पिता, तुझ से सब कुछ हो सकता है; इस कटोरे को मेरे पास से हटा ले: तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, पर जो तू चाहता है वही हो।
- 2 Samuel 16:11–12 2 शमूएल 16:11–12फिर दाऊद ने अबीशै और अपने सब कर्मचारियों से कहा, जब मेरा निज पुत्रा भी मेरे प्राण का खोजी है, तो यह बिन्यामीनी अब ऐसा क्यों न करें? उसको रहने दो, और शाप देने दो; क्योंकि यहोवा ने उस से कहा है। कदाचित् यहोवा इस उपद्रव पर, जो मुझ पर हो रहा है, दृष्टि करके आज के शाप की सन्ती मुझे भला बदला दे।
- Psalm 69:20–29 भजन संहिता 69:20–29मेरा हृदय नामधराई के कारण फट गया, और मैं बहुत उदास हूं। मैं ने किसी तरस खानेवाले की आशा तो की, परन्तु किसी को न पाया, और शान्ति देनेवाले ढूंढ़ता तो रहा, परन्तु कोई न मिला। और लोगों ने मेरे खाने के लिये इन्द्रायन दिया, और मेरी प्यास बुझाने के लिये मुझे सिरका पिलाया।। उनको भोजन उनके लिये फन्दा हो जाए; और उनके सुख के समय जाल बन जाए। उनकी आंखों पर अन्धेरा छा जाए, ताकि वे देख न सकें; और तू उनकी कटि को निरन्तर कंपाता रह। उनके ऊपर अपना रोष भड़का, और तेरे क्रोध की आंच उनको लगे। उनकी छावनी उजड़ जाए, उनके डेरों में कोई न रहे। क्योंकि जिसको तू ने मारा, वे उसके पीछे पड़े हैं, और जिनको तू ने घायल किया, वे उनकी पीड़ा की चर्चा करते हैं। उनके अधर्म पर अधर्म बढ़ा; और वे तेरे धर्म को प्राप्त न करें। उनका नाम जीवन की पुस्तक में से काटा जाए, और धर्मियों के संग लिखा न जाए।। परन्तु मैं तो दु:खी और पीड़ित हूं, इसलिये हे परमेश्वर तू मेरा उद्धार करके मुझे ऊंचे स्थान पर बैठा।
- Job 19:2–3 अय्यूब 19:2–3तुम कब तक मेरे प्राण को दु:ख देते रहोगे; और बातों से मुझे चूर चूर करोगे? इन दसों बार तुम लोग मेरी निन्दा ही करते रहे, तुम्हें लज्जा नहीं आती, कि तुम मेरे साथ कठोरता का बरताव करते हो?
- Psalm 37:32 भजन संहिता 37:32दुष्ट धर्मी की ताक में रहता है। और उसके मार डालने का यत्न करता है।
- Matthew 5:7 मत्ती 5:7धन्य हैं वे, जिन के मन शुद्ध हैं, क्योंकि वे परमेश्वर को देखेंगे।
- Psalm 10:2 भजन संहिता 10:2दुष्टों के अहंकार के कारण दी मनुष्य खदेड़े जाते हैं; वे अपनी ही निकाली हुई युक्तियों में फंस जाएं।।